डेराबस्सी में स्थानीय ट्रक युनियंस व उद्योगपति बाहरी कमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर आमने सामने

डेराबस्सी। ट्रक यूनियंस बहाल होने का अधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी भी नहीं हुआ है परंतु कुछ यूनियंस के नामसझ लोग इसे बाहरी कमर्शियल वाहनों का इस्तेमाल जबरन रोकने, उन्हें परेशान कर पैसे ऐंठने का लाइसेंस समझने लगे हैं। इसके लिए युनियंस ने रामगढ़ रोड व बरवाला रोड पर अवैध नाके लगाने शुरु कर दिए हैं। इसीके चलते डेराबस्सी में स्थानीय ट्रक युनियंस व उद्योगपति बाहरी कमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर आमने सामने हो गए हैं। इन नाकों के जरिए बाहरी कमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए उन पर दबाब बनाया जा रहा है। बीते दो दिनों से टेंपो ऐस समेत दो फोरव्हीलर यूनियन के एक दर्जन कारिंदे वाहनों के साथ बरवाला रोड पर हंसा पार्क के सामने डटे हुए हैं। इंडस्ट्रीयल पार्क से किसी भी बाहरी वाहन को माल लोड करने से रोका जा रहा है। मौके पर ही यूनियन का अस्थायी दफ्तर से पुकार कर वाहनों की बुकिंग भी अंजाम दी जा रही है। पता चलने पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो उन्हें मौजूद कारिंदों ने कहा कि वे बाहरी वाहनों का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। यूनियन बहाल हो चुकी हैं और उनके पास सरकारी नोटिफिकेशन भी है जो वे दिखा न सके जबकि यूनियन बहाल होने का मतलब यह कतई नहीं है कि बाहरी वाहनों को जबरन रोककर उनसे पैसे तक वसूले जाएं। स्टार केमिकल्स के अर्जुन तिवारी ने बताया कि उनके लोड हुए वाहन को सारा दिन रोके रखा गया। 5100 रु मांगे गए जबकि फैसला देर शाम दो हजार रुपए में हुआ। ऐसा ही कुछ अन्य उद्योगपतियों व उनके यहां बाहर से माल भरने आए वाहन चालकों ने बताया। कुछ देर बहस करने के बाद युनियन कारिंदों ने अपने कुर्सी टेबल समेटने शुरु कर दिए और वाहन में भरकर मौके से लौट गए। उद्योगपतियों ने इसका विरोध किया है जिसकी शिकायत एसडीएम एवं डीएसपी डेराबस्सी को भी दी गई है। डेराबस्सी इंडस्ट्रीज एसोसिशन के प्रधान विजय मित्तल, महासचिव राकेश रतन अग्रवाल के अनुसार उनके इंडस्ट्रीयलिस्ट समेत व्यापारियों को कायदे मुताबिक काम करने नहीं दिया जा रहा। यूनियन का किराया ट्रांसपोर्ट कंपनियों से लगभग दोगुना है और वे किराया घटाने के लिए भी  तैयार नहीं हैं। यदि उद्योगपति बाहर से वाहन मंगाते हैं तो उन्हें जबरन रोककर उन्हें तंग परेशान किया जा रहा है। बाहरी वाहन के लिए पांच पांच हजार तक मांगा जा रहा है। जो वाहन यहां खाली होते हैं उनसे भी मनमानी फीस लेकर ही माल भरने दिया जा रहा है। उन्हें यूनियन से ही वाहन बुक कराने का अनुचित दबाब बनाया जा रहा है।   इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए इंडस्ट्री एसोसिएशन ने तंग परेशान करने वालों केखिलाफ खिलाफ पुलिस से जरुरी कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, ऐस यूनियन वालों ने कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा। उनकी ओर से बाहरी गाड़ियों को परेशान नहीं बल्कि उनसे कारोबारी सहयोग मांगा जा रहा है। किसी कारिंदे ने चालकों से मारपीट तो एकतरफ, बदस्लूकी तक नहीं की। डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने कहा कि युनियन वालों को कायदे मुताबिक काम करने की सख्त चेतावनी दे दी गई है। किसी को भी कानून के खिलाफ काम खिलाफ जाकर मनमानी करने नहीं दी जाएगी। फिलहाल, युनियन वालों ने नाकाबंदी हटा ली है।

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