मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने वीसी से किया प्रदेशभर की मॉडर्न रिवन्यू रिकार्ड रूम का शुभारंभ

जिला मुख्यालय पर सांसद धर्मबीर सिंह हुए मुख्य अतिथि रूप में शामिल
अब जमीन की नकल लेनी हुई बिल्कुल आसान, मॉडन रिकार्ड रूम में बनाया कस्टमर केयर सैंटर
भिवानी । मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने वीसी के माध्यम से प्रदेशभर में मॉडर्न रिकार्ड रूम का शुभारंभ किया। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद धर्मबीर सिंह ने रविवार को जिला मुख्लालय पर स्थापित किए गए मॉडन रिकार्ड रूम का शुभारंभ किया। अब जिला मुख्यालय पर बनाए गए मॉडर्न रिकार्ड रूम से व्यक्ति अपनी जमीन की नकल आसानी ले सकता है। आने वाले समय में इसे वेब पर अपलोड किया जाएगा, जिसके बाद किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर से जमीन की नकल आदि आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। नागरिकों को राजस्व विभाग कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान जीआईएस लैब का भी उद्धाटन किया।
    इस दौरान सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि राजस्व विभाग का बहुत सा रिकार्ड उर्दू में होता था, जिसको समझ पाना ही बहुत मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा कि जमीन का रिकार्ड थैलों में बांधकर रखना पुराने जमाने की बात हो चुकी है। सांसद ने कहा कि सरकार ने बड़ी ही महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश में जमीन के रिकार्ड को डिजीटल करने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर मॉडन रिकार्ड रूम स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि भिवानी में करीब एक करोड़ तीन लाख जमीन के डोक्यूमेंट स्कैन किए गए हैं, जो किए एक चुनौतिपूर्ण कार्य रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन के रिकार्ड को कंप्यूटराईजड करने के साथ-साथ सुरक्षित बक्सों में भी रखा गया है, जो केवल न्यायालय में विचाराधीन मामलों में जरूरत पडऩे पर मूल दस्तावेज के रूप में दिखाया जा सकता है।
 सांसद श्री सिंह ने बताया कि अक्सर सबसे अधिक विवाद जमीन को लेकर होते हैं, रिकार्ड ऑनलाईन होने से जमीनी विवाद भी कम होंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जमीन के रिकार्ड को वैब हलरिस में डाला जाएगा, जिसे कहीं भी सीएससी सेंटर से उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार द्वारा लिया गया सूचना क्रांतिकारी का  बड़ा ही एतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि पहले नकल लेने में दस-दस दिन लग जाते थे, लेकिन अब ऐसा नही होगा। 
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वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि अब एक क्लिक से जमीन का रिकार्ड मिलेगा। लोगों की मुश्किलें आसान होंगी। उन्होंने कहा कि पहले जमीन का रिकार्ड गठडिय़ों में बंधा रहता था, यहां तक आसानी से मिल भी नहीं पाता था। इसी चलते सरकार ने जमीन के रिकार्ड को डिजीटल करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। उन्होंने कहा कि रिकार्ड ऑनलाईन से होने से किसी भी दस्तावेज का दुरूपयोग भी नहीं होगा। इसके साथ-साथ बीच रास्ते में कोई भी व्यक्ति बाधा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि यह ई-गर्वनेंस में एक ऐतिहासिक कदम हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वप्र है। वीसी के माध्यम से सांसद धर्मबीर सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि मार्केटिंग बोर्ड से संबंधित एक गांव से दूसरे गांव को जाने वाली बहुत सी ऐसी सडक़ें व रास्ते हैं, जिन पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं, इनको भी जीआईएस के साथ जोड़ा जाए ताकि उनकी सही ढंग से मैपिंग हो सके और उनको हटाया जा सके। वीसी के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं राजस्व विभाग के मंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आने वाले समय में अन्य विभागों के रिकार्ड को जीआईएस पोर्टल पर लिया जाएगा। श्री चौटाला ने रिवन्यू रिकॉर्ड को डीजीटल करने में राजस्व विभाग और एनआईसी स्टॉफ व अधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा प्रदेश में राजस्व के डीजीटल रिकार्ड पर आधारित तैयार की गई एक डोक्यूमेंटरी भी दिखाई गई। 
इस दौरान सांसद ने फीता काटकर मॉडन रिकार्ड रूम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, डीआईओ पंकज बजाज व राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। 

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