गैंगस्टर उर्फ काला राणा को एसटीएफ अंबाला जेल से यमुनानगर कोर्ट पहुंची

चंडीगढ़ । वर्ष 2020 में खनन कारोबारी मनोज वधवा से रंगदारी मांगने के केस में गैंगस्टर लक्ष्मी गार्डन निवासी विरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।उसे स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) अंबाला जेल से यहां कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिहाज भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीआइए वन, टू, एंटी नारकोटिक्स सेल, एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल व एंटी स्नेचिंग सेल सहित सेक्टर 17 व गांधीनगर थाना के इंचार्ज पुलिस टीमों के साथ तैनात रहे। डीएसपी हेडक्वार्टर कमलजीत भी काला राणा की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में ही रहे। यहां उसे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रजत वर्मा की कोर्ट में पेश किया गया। उसका सात दिन का रिमांड मांगा गया है। करनाल के सेक्टर 13 निवासी मनोज वधवा की जेएसएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। इसके साथ ही वह रूट्स जर्नी में भी पार्टनर हैं। उनकी कंपनी ने बीड टापू च मंडोली घग्गर में रेत के घाट सरकार से लीज पर लिए थे। इन रेत के घाटों का कामकाज मनोज वधवा व उसके चाचा वीरभान देखते थे। सात अक्टूबर 2020 की दोपहर को मनोज वधवा अपने दोस्त के पास सेक्टर 18 जगाधरी में बैठे थे। तभी उनके पास अनजान नंबर से काल आया था। काल करने वाले ने कहा था कि वह काला राणा बोल रहा है। नाम तो सुना ही होगा। यदि तुझे व तेरे परिवार को जिंदा रहना है, तो रेत के घाटों मे से हर महीने हिस्सा देना पड़ेगा। उस समय वधवा ने घबराकर फोन काट दिया। इसके बाद फिर उसी नंबर से चार बार काल आई, लेकिन वधवा ने फोन नहीं उठाया। बाद में शाम को काल आई, तो दूसरी ओर काला राणा ही बाेल रहा था। उसने कहा कि समझ में नहीं आ रहा है, घर आकर समझाऊं क्या। इसके कई दिन 12 अक्टूबर को मनोज वधवा ने पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया था।बदमाश काला राणा ने मार्च 2013 में सबसे पहली वारदात यमुनानगर में ही की। यहां पर उसने एक कार छीनी थी। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया। उस पर अंबाला में चार, यमुनानगर में 19, कुरुक्षेत्र में चार और फतेहाबाद में हत्या, छीनाझपटी, लूट, हमला करने, रंगदारी मांगने, सरकारी ड्यूटी में बांधा, फर्जीवाड़ा जैसी धाराओं में केस दर्ज हैं। फतेहाबाद के फर्जी पते पर वह नकली पासपोर्ट बनवाकर थाईलैंड चला गया था। वहीं से गैंग आपरेट कर रहा था। एसटीएफ ने इनपुट जुटाया और उसका रेड कार्नर नोटिस जारी कराया था। इसके बाद ही उसे भारत लाया जा सका। 28 अगस्त 2020 की श्री गणपति विजन शोरूम के संचालक रघुनाथ की हत्या भी रंगदारी न देने पर की गई थी। उसकी हत्या बदमाश काला राणा व काला जठेडी ने कराई थी। काला जठेडी गिरफ्तार हो चुका है। इस हत्याकांड में काला राणा ही फरार था। अब पुलिस उसे रघुनाथ प्रजापति की हत्या के मामले में भी प्रोडक्शन रिमांड पर लेगी।

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