जल बचाओ, जीवन बचाओ, जल ही जीवन है जैसे स्लोगन पर नागरिक करें अमल: सीजेएम हिमांशु सिंह 

जल संरक्षण व बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है -सीजेएम हिमांशु सिंह  
भिवानी । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन तथा जिला स्तर एवं न्यायधीश रमेश चंद्र डिमरी के निर्देशानुसार शिविरों के माध्यम से पीएलवी व सक्षम युवाओं द्वारा जल संरक्षण बारे नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। 
    ये जानकारी देते हुए प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हिमांशु सिंह ने नागरिकों को जल संरक्षण के लिए अपील की है। उन्होंने कहा कि पानी हमारे शरीर के आधे से अधिक वजन को बनाता है। पानी के बिना, दुनिया के सभी जीव मर सकते हैं। पानी केवल पीने के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन के उद्देश्यों जैसे स्नान, खाना पकाने, सफाई और कपड़े धोने इत्यादि के लिए भी आवश्यक है। सीजेएम ने कहा कि जैसे गर्मी बढ़ रही है देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। प्रतिवर्ष यह समस्या पहले के मुकाबले और अधिक बढ़ती जाती है। लातूर जैसी कई जगह तो पानी की कमी की वजह से हालात अत्यन्त भयावह हो रहे हैं। लेकिन हम हमेशा यही सोचते हैं बस जैसे तैसे गर्मी का सीजन निकाल जाये बारिश आते ही पानी की समस्या दूर हो जायेगी और यह सोचकर जल सरंक्षण के प्रति बेरुखी अपनाये रहते हैं। 
    सीजेएम ने बताया कि जल बचाओ, जीवन बचाओ, जल ही जीवन है जैसे स्लोगन कई स्थानों पर लिखे मिल जाएंगे लेकिन इन पर अमल करता कोई नजर नहीं आता। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न इलाकों में पानी की बर्बादी साफ देखी जा सकती है। पानी संरक्षण के प्रति जागरूकता की कमी के चलते प्रति दिन लाखों लीटर पानी नालियों में बहाया जा रहा है। 
    उन्होंने बताया कि यदि पानी की बर्बादी को लेकर लोग जागरूक हो जाएं तो काफी हद तक भू-गर्भ जल स्तर को गिरने से रोका जा सकता है। सीजेएम हिमांशु सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता गण, पीएलवी और सक्षम युवाओं के माध्यम से लोगों को पानी संरक्षण व बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।     

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