रोड़ सेफ्टी समीक्षा बैठक
सडक़ निर्माण व मरम्मत का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए: डीसी
रेहड़ी व वाहनों से शहर के प्रमुख चौराहों के आसपास जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए
रोड़ सेफ्टी समीक्षा बैठक में उपायुक्त आरएस ढिल्लो ने दिए यातायात पुलिस को निर्देश
भिवानी । स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में मंगलवार को उपायुक्त आरएस ढिल्लो की अध्यक्षता में रोड़ सेफ्टी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपायुक्त श्री ढिल्लो ने सडक़ निर्माण से संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिला में निर्माणाधीन सडक़ परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाए। इसके अलावा जहां-जहां पर सडक़ों की मरम्मत की जानी है या सीसी का कार्य होना है, उसको शीघ्र किया जाए, ताकि सडक़ हादसे न हो। उन्होंने यातायात पुलिस व नगर परिषद प्रशासन को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख चौराहे/मोड़ पर रेहड़ी या वाहनों के खड़ा होने से जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने एनएच और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उनसे संबंधित सडक़ परियोजनाओं के निर्माण कार्य मेंं तेजी लाएं। उन्होंने रोहतक रोड़ से लोहारू रोड़ तक बन रहे बाईपास का कार्य भी जल्द से जल्द से पूरा करने को कहा ताकि शहर में जाम की स्थिति से निजात मिले। इसी प्रकार से उन्होंने नया बस स्टैंड से रोहतक चौक तथा बावड़ी गेट से ओवर ब्रिज-देवसर रोड़ तक सडक़ निर्माण कार्य भी अतिशीघ्र शुरु करवाने के निर्देश दिए। इस पर संबंधित अधिकारियों ने बताया कि तीन-चार दिन में कार्य की स्वीकृति मिल जाएगी, इसके बाद तुरंत प्रभाव से टेंडर आमंत्रित कर दिए जाएंगे। उन्होंने शहर में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाकर निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सही होनी चाहिए।
इसी प्रकार से उपायुक्त श्री ढिल्लो ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख चौराहों/ मोड़ के आसपास किसी भी प्रकार का वाहन, रेहड़ी आदि को खड़ा न होने दें, जिससे भीड़भाड़ और जाम की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मोड़ या चौराहे के आसपास खुला स्थान होना जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि सडक़ हादसों में बिना हेलमेट पहने दुपहिया वाहन चालक मौत का शिकार होते हैं। बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों व ओवर स्पीड वाहन चालकों के अधिक से अधिक चालान किए जाएं। उन्होंने कहा कि जरूरी जगहों पर कैटआई या साईन बोर्ड लगाएं जाएं ताकि हादसे न हो। विशेषकर तीव्र मोड़ पर साईन बोर्ड होना जरूरी है। इसी प्रकार से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहचान होनी चाहिए और दुर्घटनाओं के कारण का पता होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में प्रत्येक रोड़ एजेंसी पांच-पांच कि.मी. के दायरे में मॉडल रोड़ बनाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोई भी हादसा होने पर एंबूलेंस तुरंत प्रभाव या निर्धारित समय के अनुरूप अस्पताल पहुंचे ताकि घायल का समय पर उपचार हो और उसकी जान बचाई जा सके। उपायुक्त ने यातायात पुलिस को स्कूल वाहन पॉलिसी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
इस दौरान सचिव आरटीए अंग्रेज सिंह ने रोड़ सेफ्टी के बारे में समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, एसडीएम महेश कुमार सहित संबंधित विभागों से अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।