एनीमिया व कुपोषण से बचाव को लेकर चार अप्रैल तक चलेगा पोषण पखवाड़ा

सोमवार 21 मार्च से शुरू हुआ पोषण पखवाड़ा अभियान
भिवानी । महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में (राष्ट्रीय पोषाहार मिशन) के तहत 21 मार्च से पोषण पखावाड़ा शुरू किया गया है, जो चार अप्रैल तक चलेगा। इस पोषण पखवाड़ा में एनीमिया व कुपोषण से बचाव को लेकर पोषण पखवाड़े के दौरान पोषण टे्रकर एप के माध्यम से बच्चों की लंबाई एवं वजन माप, नृत्य, महिला संगोष्ठी, हैल्थ चेकअप, बालिकाओं व गर्भवती महिलाओं के पोषण आदि बारे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को सही पोषण की शपथ भी दिलवाई जाएगी। 
ये जानकारी देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी दर्शना मालवाल ने बताया कि आठ मार्च, 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्पूर्ण पोषण अभियान का शुभारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में ठिगनेपन, अल्प पोषण, कम वजन के बच्चों के जन्म तथा किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा बच्चों में रक्त की कमी को दूर करना मुख्यरूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 21 मार्च से चार अप्रैल तक विशेष पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है, जिसको एक जन-आंदोलन का रुप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान लोगों में कुपोषण व एनीमिया से बचाव को लेकर आयोजित होने वाली गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आयुष विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, खेल और युवा मामला विभाग आदि की मुख्य भूमिका रहेगी। 
उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियां चलाई जाएंगी जिसमें 0.6 वर्ष के बच्चों का ऊंचाई एवं वजन मापन, पोषण वाटिका का प्रचार और स्थापना, एनीमिया की रोकथाम और उपचार, आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन, महिला गोष्ठी आदि कार्यक्रम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्ध लोगों, समाज सेवी संस्थाओं व महिला मंडलों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।  
 उन्होंने बताया कि कुपोषण को खत्म करने के लिए विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत सार्थक प्रयास किया जा रहा है। पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और कुपोषित बच्चों के घर में पोषण वाटिका बनाई जाएंगी। पोषण वाटिका से उगाई जाने वाली सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर रहेंगी। उन्होंने बताया कि विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे पोषण पखवाड़े के दोरान अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों में जाकर अपने 0.6 वर्ष के बच्चों का ऊंचाई एवं वजन मापन करवाएं जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि आपका बच्चा स्वस्थ है या कुपोषित है। ‘पोषण के पांच सूत्र ’ जैसे बच्चे के पहले 1000 दिन, एनीमिया, डायरिया, हाथधोना और साफ सफाई तथा पौष्टिक आहार (विविधताओं युक्त सम्पूर्ण भोजन) पर जोर दिया जाएगा। 

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