बालकों की देखरेख और संरक्षण मुख्य उद्देश्य: सीजेएम हिमांशु सिंह
भिवानी । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र डिमरी के निर्देशानुसार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हिमांशु सिंह के मार्गदर्शन में मंगलवार को किशोर न्याय अधिनियम-2015, विडो सेल की मासिक बैठक और कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
सीजेएम हिमांशु सिंह ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बालकों की देखरेख और संरक्षण के बारे में प्रावधान है। इसमें बच्चों का हित, उनकी समुचित देखरेख, पुनर्वास, संरक्षण, उपचार एवं विकास सुनिश्चित करना हैं। उन्होंने जिला स्तर पर विडो सेल सिस्टम के तहत विधवा महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने बारे में समीक्षा की। सीजेएम ने महिलाओं के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पैनल अधिवक्ता, विधिक स्वयं सेवकों व सक्षम युवाओं की पूरे माह हुए कार्यों की समीक्षा की। हिमांशु सिंह ने 12 मार्च को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में सराहनीय भूमिका निभाने पर सभी पैनल अधिवक्ता, विधिक स्वयं सेवको व सक्षम युवाओं की प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मध्यस्थता अधिवक्ता शीला तवर ने विभागों के संबंधित अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर से अंजू बाला, संदीप कुमार प्रोटेक्शन अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अनीता कत्याल, कृष्णा देवी एएसआर, समाज कल्याण विभाग से हरि ओम, पुलिस निरीक्षक सरोज, निकू डीपीओ, सीडब्ल्यूसी सदस्य एडवोकेट रोशन लाल, सहायक कमलजीत सिंह, कोर्डिनेटर दिनेश कुमार, पैनल अधिवक्तागण, विधिक स्वयं सेवकों व सक्षम युवाओ इत्यादि मौजूद थे।