सूरजकुंड मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने रोजगारपरक जानकारी

करीब 50 महिलाओं के एक दल ने किया सूरजकुंड मेले का दौरा
भिवानी ।    फरीदाबाद के सूरजकुंड में चल रहे अंतरर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प में जिला भिवानी से राष्ट्रीय आजीविका मिशन की महिलाओं का एक समूह वहां पहुंचा। महिलाओं ने आत्म निर्भर बनने के उद्देश्य के चलते हस्तशिल्प मेले में हथकरघा की जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी गौरव सिरोही रहे। 
उल्लेखनीय है कि सूरजकुंड में 35 वां अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला लगा हुआ है। यह मेला कला एवं संस्कृति का बेजोड़ संगम है, जहां देश की सांस्कृतिक विरासत को देखने के अलावा बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसी चलते उपायुक्त आरएस ढिल्लो के निर्देशानुसार जिला भिवानी से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सूरजकुंड गया। शहरी क्षेत्र से ज्योति पांचाल और ग्रामीण क्षेत्र से शिखा राणा के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों से जागरूक महिलाएं सूरजकुंड मेला देखने गई। 
मेले से लौटी जीवन ज्योति ग्रुप की अध्यक्ष सीमा ने बताया कि यह मेला वास्तव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित हो रहा है। अपने देश के अलावा दूसरे देशों से भी लोग यहां पर अपनी हस्तशिल्प कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। भिवानी से पहुंची महिलाओं ने वहां पर मोतियों/मनकों की कपड़ों पर कारीगरी व पैच वर्क का कार्य बहुत ही पसंद आया, जो यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी कर सकती हैं। इसी प्रकार से महिलाओं ने कपड़ों पर सजावट का सामान, बहुत ही सुंदर मिट्टी के पोट, कढावणी, गणपति व ऐसी अनेक प्रकार की कारीगरी देखी, जिसको हम अपने घरों में लगाकर नया रूप दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक स्टॉल तो ऐसी देखी, जहां पर कपड़े की बची हुई लैस से पर्स को डिजाईन किए हुए थे, जो कि बहुत ही सुंदर लग रहा थे, जबकि हम अक्सर बची हुई लैस को फेंक देते हैं। मेले में पापड़, अचार और जूस आदि के बनाने के बारे में जानकारी ली, जिसे यहां की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आसानी से बनाकर बेच सकती हैं। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र से उनके ग्रुप के अलावा दुर्गा ग्रुप, बाबा बाबलिया, जय मां भोजावाली ग्रुप की महिलाओं ने भाग लिया। ग्रामीण क्षेत्र से शिखा राणा के नेतृत्व में प्रत्येक ब्लॉक से महिला ग्रुप की सदस्य मेले में पहुंची। करीब 50 महिलाओं के दल ने मेले में शिरकत की। 
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इस बारे में सीएमजीजीए से गौरव सिरोही ने बताया कि मेले के दौरान महिलाओं ने वहां पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉल, प्रोडेक्ट के बारे में जानकारी ली और उनसे अनुभव लिए। यह जानकारी ली कि अपने द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को किसी प्रकार से बेचा जाता है। 
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राष्ट्रीय आजीविका मिशन शहरी से ज्योति पांचाल व ग्रामीण क्षेत्र से शिखा राणा ने बताया कि सुरजकुंड मेले से महिलाओं ने बहुत कुछ रोजगारपरक जानकारी हासिल की है, जो उनके आत्मनिर्भर बनने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं में अलग ही आत्म विश्वास जागा है। महिलाओं ने आत्मनिश्वास के साथ कहा कि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना हुनर चमका सकती हैं। 

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