रिश्वत देना व लेना दोनों ही अपराध हैं: एडीसी
भिवानी। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा भ्रष्टाचार एवं रिश्वत खोरी के विरुद्ध जागरूकता सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में एडीसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को जरूरी निर्देश दिए।
सेमिनार में एडीसी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार, रिश्वत खोरी के विरूद्ध बैनर लगवाने के निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी जाए। उन्होंने कहा रिश्वत देना व लेना दोनों ही अपराध है। भ्रष्टाचार केवल पैसे का लेन-देन नहीं है, यह समाज के प्रति ईमानदारी और वंचितों के अधिकारों के प्रति कुठारघात है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में मुख्य चौकशी अधिकारी की नियुक्ति की गई है जिनके दूरभाष नंबर 0172-271059, ई-मेल आईडी सीवीओएफएसडीएटदारेटजीमेल.कॉम व निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा चंडीगढ़ के मोबाईल नंबर 0172-2701366 व 0172-5001396 व ई-मेल आईडी एफओओडीएसएटदारेटएचआरवाई.एनआईसी.इन पर शिकायत भेजी जा सकती है।
एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्य चौकशी अधिकारी का टेलीफोन नंबर व ई-मेल इत्यादि की जानकारी भी लिखवाएं। उन्होनें कहा कि जिला स्तर पर यदि कोई टेंडर की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है तो उसमे पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए वीडियोग्राफी की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी सेमिनार के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु अधिकारी/कर्मचारियों के अतिरिक्त हितधारकों जैसे डिपूधारक, आढती, पैट्रोल पंप मालिक व गैस एजेंसी धारक इत्यादि को शामिल किया जाए।
सेमीनार में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी प्रदीप कौशिक ने कहा कि यदि नागरिकों से कोई किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो निसंकोच और निडर होकर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को या उच्च अधिकारियों को शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने सभी को ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के परिमंडल कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मचारियों के अलावा जिला के डिपूधारक, आढ़ती, पैट्रोल पम्प मालिक व गैस एंजेसी धारक मौजूद रहें।