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व्यापार

जंग के बीच ट्रंप की 300,000,000,000 डॉलर की मेगा डील! भारत की यह कंपनी बनेगी Partner

Updated on Wednesday, March 11, 2026 17:35 PM IST

मीडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के माहौल के बीच अमेरिका से एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है। Donald Trump ने करीब 300 अरब डॉलर की मेगा डील का ऐलान किया है, जिसमें भारत की दिग्गज कंपनी Reliance Industries साझेदार के रूप में शामिल होगी। यह निवेश टेक्सास में बनने वाली एक विशाल ऑयल रिफाइनरी परियोजना से जुड़ा है। ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक डील बताते हुए कहा कि यह निवेश अमेरिकी ऊर्जा ढांचे को मजबूत करेगा और हजारों नई नौकरियां पैदा करेगा।

टेक्सास के ब्राउनस्विल में बनेगी रिफाइनरी
ट्रंप के अनुसार यह रिफाइनरी America First Refining द्वारा टेक्सास के ब्राउनस्विल बंदरगाह (गल्फ कोस्ट) पर विकसित की जाएगी। उनका कहना है कि यह पिछले करीब 50 वर्षों में अमेरिका में बनने वाली पहली नई ऑयल रिफाइनरी हो सकती है। यह परियोजना देश की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। हालांकि फिलहाल इस निवेश की फंडिंग और वित्तीय संरचना को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

भारत के साझेदारों का जताया आभार
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने भारत के साझेदारों और खास तौर पर Mukesh Ambani के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का उल्लेख करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत की इस प्रमुख ऊर्जा कंपनी का सहयोग इस परियोजना को आगे बढ़ाने में अहम रहेगा।

‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से जुड़ा निवेश
ट्रंप ने कहा कि उनकी “अमेरिका फर्स्ट” नीति, परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने और टैक्स में कमी जैसे कदमों के कारण देश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। उनके अनुसार ब्राउनस्विल में बनने वाली यह रिफाइनरी:

अमेरिकी

बाजार में ईंधन की आपूर्ति बढ़ाएगी
राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी
ऊर्जा उत्पादन क्षमता में इजाफा करेगी
हजारों नई नौकरियां पैदा करेगी
इसे दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी बनाने का लक्ष्य रखा गया है
वैश्विक तनाव के बीच आई घोषणा
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब Iran से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक आपूर्ति में संभावित बाधाओं के कारण तेल बाजार में चिंता बनी हुई है। अमेरिकी प्रशासन ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करना और Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सैन्य सुरक्षा देना शामिल है।

पुराने प्रोजेक्ट से जुड़ाव की संभावना
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पहले Element Fuels द्वारा प्रस्तावित रिफाइनरी प्रोजेक्ट से जुड़ी हो सकती है। जून 2024 में कंपनी ने बताया था कि उसने साइट की तैयारी पूरी कर ली है और करीब 1.6 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी के लिए जरूरी परमिट भी हासिल कर लिए हैं। हालांकि इस नए प्रस्ताव को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज या अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अमेरिकी रिफाइनिंग सेक्टर की चुनौती
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका में पिछले डेढ़ दशक में शेल क्रांति के कारण तेल उत्पादन तेजी से बढ़ा है, लेकिन रिफाइनिंग क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई। नई रिफाइनरी स्थापित करना महंगा होने के साथ-साथ जटिल परमिट प्रक्रिया और पर्यावरणीय विरोध के कारण चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

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