Saturday, 24 October 2026
BREAKING
• पंजाब रोडवेज, पनबस/PRTC के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल खत्म! बस सर्विस बहाल • चंडीगढ़ में Student नैतिक ह/त्याकांड के शूटर का Encounter! पुलिस ने किए खुलासे • परविंदर झोटा मामले में नया विवाद, पिता भीम सिंह ने लगाए गंभीर आरोप • पंजाब में बच्चों तक कैसे पहुंच रहा नशा, CM Mann दे जवाब : तरुण चुघ • अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे की तैयारी शुरू, होने जा रहा बड़ा कार्यक्रम! • ड्रग्स तस्करों की खैर नहीं: हरियाणा में रिकॉर्ड जब्ती, 230% बढ़ी संपत्ति अटैचमेंट की रफ्तार • बिजली हड़ताल खत्म कराने में संकटमोचक बने अनिल विज, रात 2 बजे तक चला मंथन; HERC के फैसले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी • HTET Biometric Verification: 6 व 7 नवम्बर को होगी HTET-2025 बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, अभ्यर्थी ये जरूरी दस्तावेज लाना न भूलें • पटाखों के अस्थायी लाइसेंस लेने वालों के लिए अहम खबर, इस तारीख तक करवा सकते हैं आवेदन • हरियाणा के भूजल उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत: सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन और माफ की लेट फीस... आसानी से जमा करें चार्ज

पंजाब

एक ‘पिता’ के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत चार महीने की दिलजोत को 2.77 लाख रुपये का इलाज कवर मिला; सिर्फ तीन महीनों में 6,000 से अधिक नवजात बच्चों का इलाज किया

Updated on Wednesday, April 08, 2026 19:09 PM IST

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री सेहत योजना की शुरुआत के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा था कि इलाज के बारे में सोचो, बिल के बारे में नहीं। सरकार तुम्हारे इलाज का खर्च उठाएगी। अबोहर में रश्प्रीत कौर और भरत कुमार के घर जन्मी चार महीने की दिलजोत जैसे परिवारों के लिए ये शब्द बहुत मायने रखते हैं।

दिलजोत को गंभीर संक्रमण और वेंट्रीकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) की बीमारी पाई गई, जो जन्म से पहले ही विकसित हो जाती है। उसके माता-पिता उसे इलाज के लिए बठिंडा ले गए। उनका एकमात्र मकसद था - उसकी जान बचाना। गंभीर इलाज का खर्च बहुत ज्यादा था, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके लिए वरदान बनकर आई। दिलजोत को विशेष चिकित्सकीय देखभाल मिली, जिसमें 24 घंटे निगरानी शामिल थी, और उसके परिवार को एक दिन भी पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ी।

भरत कुमार, जो अबोहर में एक छोटा सैलून चलाते हैं, ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि उनकी बेटी के दिल में छेद है। उनकी बच्ची का इलाज दो अलग-अलग अस्पतालों में हुआ और स्वास्थ्य कार्ड के तहत 2.77 लाख रुपये का पूरा खर्च कवर हो गया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह योजना सुनिश्चित करती है कि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक मुश्किलों में से किसी एक का चुनाव न करना पड़े। इस योजना के तहत हर मां और नवजात बच्चे को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है - चाहे सरकारी अस्पताल हो या सूचीबद्ध निजी अस्पताल - और यह सुविधा बच्चे के जन्म के पहले घंटों से ही उपलब्ध होती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि हम गांवों में कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि परिवार समय पर जांच करवाएं और इलाज में देरी न करें। पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात बच्चों का इलाज इस योजना के तहत किया गया है, जो नवजात बच्चों को समय पर चिकित्सा सेवा देने में योजना की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। यह योजना जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रमण और अन्य नवजात जटिलताओं के इलाज में मदद करती है तथा मां की स्वास्थ्य देखभाल और प्रसव के बाद की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाती है।

दिलजोत का केस अकेला नहीं है। पूरे पंजाब में अब परिवार नवजात बच्चों को शुरुआती दिनों में ही इलाज के लिए अस्पताल ले आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि इलाज का खर्च उन्हें नहीं झेलना पड़ेगा।

बठिंडा के अग्रवाल अस्पताल में एक नवजात, जिसे गंभीर पीलिया और सांस लेने में दिक्कत थी, का लगभग 1 लाख रुपये का इलाज पूरी तरह इस योजना के तहत कवर किया गया।

पटियाला के गढ़ाया गांव के मनकीरत सिंह को जन्म के कुछ दिनों बाद पीलिया और सांस की समस्या के लिए इलाज की जरूरत पड़ी। उसके पिता बलविंदर सिंह ने कहा कि मेरा बेटा 25 मार्च को पैदा हुआ था और उसे कुछ समस्याएं थीं। हम उसकी सेहत को लेकर चिंतित थे, लेकिन उससे ज्यादा चिंता हमें खर्चे की थी। हम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की योजना का धन्यवाद करते हैं, जिसके तहत हमारा पूरा खर्च कवर हो गया।

फरीदकोट के कोटकपूरा की बिमला रानी ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसे नवजात देखभाल की जरूरत थी। परिवार के एक सदस्य के मुताबिक उनका 18 दिन का बच्चा अब सुरक्षित तरीके से इस योजना के तहत इलाज ले रहा है।

ये मामले योजना के प्रति लोगों के सकारात्मक समर्थन को दर्शाते हैं। योजना शुरू होने से ही पंजाब भर में अधिक से अधिक परिवार माताओं और नवजात बच्चों को पहले 72 घंटों में ही अस्पताल ले आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर हो रहे हैं और देरी के कारण बढ़ने वाली जटिलताएं कम हो रही हैं।

पंजाब सरकार लगातार लोगों को प्रेरित कर रही है कि वे निर्धारित केंद्रों और ग्रामीण स्तर के कैंपों के माध्यम से स्वास्थ्य कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं ताकि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नकद रहित इलाज का लाभ ले सकें।

Have something to say? Post your comment
पंजाब रोडवेज, पनबस/PRTC के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल खत्म! बस सर्विस बहाल

: पंजाब रोडवेज, पनबस/PRTC के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल खत्म! बस सर्विस बहाल

परविंदर झोटा मामले में नया विवाद, पिता भीम सिंह ने लगाए गंभीर आरोप

: परविंदर झोटा मामले में नया विवाद, पिता भीम सिंह ने लगाए गंभीर आरोप

पंजाब में बच्चों तक कैसे पहुंच रहा नशा, CM Mann दे जवाब : तरुण चुघ

: पंजाब में बच्चों तक कैसे पहुंच रहा नशा, CM Mann दे जवाब : तरुण चुघ

जालंधर पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए तैयार

: जालंधर पुरुष एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए तैयार

'गैंगस्टरां ते वार' का 277वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 527 स्थानों पर छापेमारी; 223 काबू

: 'गैंगस्टरां ते वार' का 277वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 527 स्थानों पर छापेमारी; 223 काबू

खनन विभाग द्वारा श्री आनंदपुर साहिब के गांव भल्लाण में अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई; देर रात छापे के दौरान एक व्यक्ति काबू

: खनन विभाग द्वारा श्री आनंदपुर साहिब के गांव भल्लाण में अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई; देर रात छापे के दौरान एक व्यक्ति काबू

आशीर्वाद योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान; 12,784 लाभार्थियों को 65.20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

: आशीर्वाद योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान; 12,784 लाभार्थियों को 65.20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

किसानों को 24 घंटे में फसल का भुगतान किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

: किसानों को 24 घंटे में फसल का भुगतान किया जा रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब में नहरी पानी का उपयोग 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हुआ, सिंचाई का रकबा 61 लाख एकड़ तक पहुंचा: बरिंदर कुमार गोयल

: पंजाब में नहरी पानी का उपयोग 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हुआ, सिंचाई का रकबा 61 लाख एकड़ तक पहुंचा: बरिंदर कुमार गोयल

भारत में संस्थाओं की विश्वसनीयता गंभीर संकट में, लोगों को ‘निर्वाचित तानाशाही’ की ओर धकेला जा रहा है: अमन अरोड़ा ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता के मुद्दे पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की

: भारत में संस्थाओं की विश्वसनीयता गंभीर संकट में, लोगों को ‘निर्वाचित तानाशाही’ की ओर धकेला जा रहा है: अमन अरोड़ा ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता के मुद्दे पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की

X