Monday, 19 October 2026
BREAKING
• कच्चे तेल के दबाव के बावजूद रुपया हुआ मजबूत, केंद्रीय बैंक के समर्थन से मुद्रा को मिला सहारा • वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, गिरावट के साथ कारोबार करने लगा सेंसेक्स-निफ्टी • IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं • शीतल देवी ने रचा इतिहास: पैरा एशियन गेम्स में की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 3 संदिग्ध कोटा से पकड़े गए,मुंबई में मिली वारदात में इस्तेमाल बाइक • टाइगर श्रॉफ गोलीबारी के समय गाड़ी में नीचे झुकने के कारण बचे, शीशे के टुकड़े से लगी चोट: मुंबई पुलिस • अखिलेश ने किया 2027 के लिए पीडीए के प्रणपत्र का ऐलान, 26 नवंबर को जारी होगा ‘जन-मन का घोषणापत्र’ • वाराणसी में भीषण सड़क हादसा : ओवरब्रिज पर सेल्फी ले रहे 4 दोस्तों को बेकाबू ट्रक ने रौंदा, 2 लोग 30 फीट नीचे गिरे, स्कॉर्पियो के उड़े परखच्चे, 3 गंभीर घायल • टाइगर श्रॉफ पर हमला गंभीर और निंदनीय, पुलिस ने की हमलावरों की पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी : सीएम फडणवीस • 'हमारे पास भी आपसे हिसाब चुकता करने के लिए है बहुत कुछ', नेतन्याहू की बयानबाजी पर अराघची का पलटवार

व्यापार

तेल कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों के लिए एफएमसीजी स्टॉक्स बने 'सेफ ऑप्शन': रिपोर्ट

Updated on Tuesday, April 14, 2026 13:10 PM IST

मुंबई : तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच एफएमसीजी (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सेक्टर के शेयर निवेशकों के लिए 'सेफ ऑप्शन' यानी सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहे हैं। हालांकि, निकट अवधि में इस सेक्टर का आउटलुक थोड़ा कमजोर हुआ है।


बीएनपी पारिबास इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी आई है, जिससे एफएमसीजी कंपनियों का आउटलुक प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से कंपनियों के इनपुट कॉस्ट बढ़ेंगे और इससे मुनाफे (मार्जिन) पर दबाव पड़ सकता है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि इतिहास में एफएमसीजी सेक्टर ने तेल संकट के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया है, जैसे 2008, 2011 और 2022 में। इन वर्षों में अन्य सेक्टरों के मुकाबले एफएमसीजी कंपनियों की कमाई में कम गिरावट आई थी।


रिपोर्ट के अनुसार, हाल के समय में एफएमसीजी शेयरों में ज्यादा गिरावट देखने को मिली है, जिससे अब ये काफी सस्ते वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। कई कंपनियों के शेयर अब करीब एक दशक पुराने स्तरों पर पहुंच गए हैं, जो निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका बन सकता है।
पहले इस सेक्टर को वित्त वर्ष 2027 में कमाई में सुधार के नजरिए से देखा जा रहा था, लेकिन अब इसे बढ़ती ऊर्जा कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के बीच एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
निकट अवधि में, वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में घरेलू खपत में सुधार का फायदा दिख सकता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस दौरान कंपनियों की ईबीआईटीडीए ग्रोथ दो अंकों में रह सकती है, जो पिछले करीब 10 तिमाहियों में पहली बार होगा।


हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही से कच्चे माल की लागत, खासकर पाम ऑयल और पॉलिमर जैसे तेल से जुड़े इनपुट महंगे होने के कारण मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां इन बढ़ती लागतों को कुछ हद तक कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों पर डाल सकती हैं।
मार्च तिमाही के अंत में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 24 प्रतिशत की तेजी आई, जिससे कच्चे माल की लागत और बढ़ गई।


हालांकि, सीजफायर के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इससे मांग और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए इस सेक्टर की कमाई के अनुमान को घटाया है, जो अब बाजार के औसत अनुमान से भी कम है। इसका कारण बढ़ती लागत और करेंसी से जुड़ा दबाव है।


इन चुनौतियों के बावजूद, एफएमसीजी सेक्टर को अन्य सेक्टरों की तुलना में ज्यादा मजबूत माना जा रहा है, खासकर तब जब बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है।
जब से यह वैश्विक तनाव शुरू हुआ है, तब से निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 27 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच 5.76 प्रतिशत यानी 2,948 अंकों की गिरावट आई है और यह 48,194 पर आ गया।
इसके अलावा, यह इंडेक्स एनएसई पर 47,291 के इंट्राडे लो तक भी पहुंचा, जो करीब 2 प्रतिशत या 900 अंकों की गिरावट को दर्शाता है।

Have something to say? Post your comment
कच्चे तेल के दबाव के बावजूद रुपया हुआ मजबूत, केंद्रीय बैंक के समर्थन से मुद्रा को मिला सहारा

: कच्चे तेल के दबाव के बावजूद रुपया हुआ मजबूत, केंद्रीय बैंक के समर्थन से मुद्रा को मिला सहारा

वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, गिरावट के साथ कारोबार करने लगा सेंसेक्स-निफ्टी

: वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, गिरावट के साथ कारोबार करने लगा सेंसेक्स-निफ्टी

शेयर बाजार की हालिया कमजोरी का संबंध आसान निकासी से है, लेकिन अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत : वित्त मंत्री सीतारमण

: शेयर बाजार की हालिया कमजोरी का संबंध आसान निकासी से है, लेकिन अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत : वित्त मंत्री सीतारमण

वैश्विक संकेतों से कीमती धातुओं में लौटी चमक, सोना 1.48 लाख रुपए के पार; चांदी में भी मजबूती

: वैश्विक संकेतों से कीमती धातुओं में लौटी चमक, सोना 1.48 लाख रुपए के पार; चांदी में भी मजबूती

नाशवान खाद्य पदार्थों को लेकर एफएसएसएआई सख्त, कारोबारियों के लिए जारी की नई एडवाइजरी

: नाशवान खाद्य पदार्थों को लेकर एफएसएसएआई सख्त, कारोबारियों के लिए जारी की नई एडवाइजरी

भारत की आर्थिक प्रगति जश्न मनाने लायक, अगले वर्षों में भी मजबूत विकास की संभावनाएं : शीर्ष अर्थशास्त्री

: भारत की आर्थिक प्रगति जश्न मनाने लायक, अगले वर्षों में भी मजबूत विकास की संभावनाएं : शीर्ष अर्थशास्त्री

होर्मुज पर हमले तेज, एक सप्ताह के भीतर 14 जहाज क्षतिग्रस्त

: होर्मुज पर हमले तेज, एक सप्ताह के भीतर 14 जहाज क्षतिग्रस्त

एआई से स्वास्थ्य सेवाएं होंगी अधिक सुलभ और प्रभावी, क्लिनिकल निर्णय लेने में भी मिलेगी मदद : एमईआईटीवाई सचिव

: एआई से स्वास्थ्य सेवाएं होंगी अधिक सुलभ और प्रभावी, क्लिनिकल निर्णय लेने में भी मिलेगी मदद : एमईआईटीवाई सचिव

अगला हफ्ता शेयर बाजार के लिए बेहद अहम, तिमाही नतीजे, एफआईआई निवेश और वैश्विक संकेत तय करेंगे दिशा

: अगला हफ्ता शेयर बाजार के लिए बेहद अहम, तिमाही नतीजे, एफआईआई निवेश और वैश्विक संकेत तय करेंगे दिशा

सोना इस हफ्ते तीन हजार रुपए और चांदी दस हजार रुपए से अधिक सस्ती हुई

: सोना इस हफ्ते तीन हजार रुपए और चांदी दस हजार रुपए से अधिक सस्ती हुई

X