पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोलते हुए दावा किया कि 4 मई को राज्य में राजनीतिक बदलाव तय है।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रही है और तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है।
घुसपैठ और फर्जीवाड़े के आरोप
ठाकुर ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार की पहचान बांग्लादेशी घुसपैठियों, नकली नोटों के रैकेट और फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों को संरक्षण देने वाली बन गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आरोपियों को बचाया जा रहा है।
रोजगार को लेकर भी साधा निशाना
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए बने रोजगार के अवसर बाहरी लोगों को दिए जा रहे हैं। ठाकुर के अनुसार, राज्य के नागरिकों की कीमत पर घुसपैठियों को नौकरियां दी जा रही हैं, जिससे गंभीर सवाल उठता है कि आखिर राज्य में कौन सुरक्षित है।
‘4 मई आएगी, ममता जाएंगी’
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्य में तुष्टीकरण की राजनीति हावी है और इसी कारण उन्होंने दावा किया कि 4 मई को ममता बनर्जी की विदाई तय है।
महिला आरक्षण और केंद्र की योजनाओं का जिक्र
महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए ठाकुर ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि एलपीजी कनेक्शन, नल का पानी, मुफ्त अनाज, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता से महिलाओं को बड़ा लाभ मिला है और करोड़ों लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।
33% आरक्षण लागू करने की तैयारी
उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने का लक्ष्य है। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है।
परिसीमन के कारण लागू होने में देरी
गौरतलब है कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 पारित हो चुका है, लेकिन जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसके लागू होने में देरी हो रही है। प्रस्ताव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 850 करने और एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की बात कही गई है।