प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया है। उन्होंने इस मुद्दे को देश और संसद दोनों के लिए अहम बताया।
एक-तिहाई आरक्षण को बताया ऐतिहासिक क्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि लेख में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को एक ऐसे ऐतिहासिक क्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो पूरे देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
जनगणना और परिसीमन पर जोर
लेख में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जल्द से जल्द जनगणना कराई जाए और परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इसमें कोई अनावश्यक देरी न हो।
‘एक भी दिन व्यर्थ न जाए’ का संदेश
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कदम में तेजी जरूरी है और एक भी दिन व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “इस लेख में केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को एक ऐसे क्षण के रूप में रेखांकित किया है, जो हम सभी का है और संसद जैसी संस्था का भी है।”