Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• सरकार के दो सालः सड़क, पेयजल, उद्योग और निवेश से हरियाणा के विकास को गति देने पर जोर- नायब सिंह सैनी • त्योहारों पर महंगाई की मार, आम आदमी की थाली से लेकर रसोई तक बिगड़ा बजट : सैलजा • बोनस देकर किसान-आढ़तियों को हुए नुकसान की भरपाई करे सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा • पंजाब भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, नशा, भ्रष्टाचार और अपराध को बनाएगी बड़ा मुद्दा • सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र, पंजाब की जेलों से चल रहे ड्रग्स कारोबार की एनआईए-ईडी जांच की मांग • झोटा हत्याकांड में सचिन पायलट और गुरजीत औजला ने 'मान सरकार' को घेरा, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल • परिवार से मिलने पहुंचे SGPC प्रधान, परविंदर झोटा को लेकर किया बड़ा ऐलान • पंजाब में CBI की जांच तेज! OSD राजबीर घुम्मन के बाद अब इन 6 लोगों से होगी पूछताछ, समन जारी • पंजाब में चुनाव आयोग की हलचल तेज! कब होंगे विधानसभा चुनाव, पढ़ें पूरी खबर • Ludhiana: सतलुज नदी में गैर-कानूनी माइनिंग पर सख्त Action, मामला दर्ज

व्यापार

भारत के माल ढुलाई क्षेत्र में डीजल के अलावा अन्य विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान से ग्रीनलाइन ने एलएनजी में किया विस्तार

Updated on Sunday, May 24, 2026 16:24 PM IST

मुंबई : ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल के आयात को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच परिवहन संचालकों और नीति निर्माताओं द्वारा डीजल के विकल्पों की तलाश के चलते भारत का भारी मालवाहक लॉजिस्टिक्स क्षेत्र तेजी से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की ओर रुख कर रहा है।

यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब देश भर में माल ढुलाई में लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है। भारत में वर्तमान में लगभग चार मिलियन डीजल-चालित ट्रक हैं जो घरेलू माल ढुलाई का लगभग 70 प्रतिशत परिवहन करते हैं, जिससे यह क्षेत्र आयातित जीवाश्म ईंधन के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक बन गया है।

वहीं, एलएनजी लंबी दूरी के ट्रक परिवहन के लिए एक व्यावहारिक और निकट भविष्य का ईंधन विकल्प बनकर उभर रहा है, जो डीजल जैसी परिचालन दक्षता प्रदान करता है, साथ ही कम उत्सर्जन और आयातित ईंधन पर निर्भरता को कम करने में सहायक है।

ग्रीनलाइन मोबिलिटी, देश के सबसे बड़े एलएनजी ट्रक परिवहन ऑपरेटरों में से एक है, जो वर्तमान में प्रमुख लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर 1,000 से अधिक एलएनजी-चालित भारी-भरकम ट्रकों का संचालन करती है। कंपनी ने छोटी दूरी के संचालन के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी तैनात करना शुरू कर दिया है और अगले कुछ वर्षों में अपने बेड़े को 10,000 वाहनों तक बढ़ाने की योजना बना रही है।

यह गति ऐसे समय में आई है जब सरकार स्वच्छ वाणिज्यिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए 1 अरब डॉलर से अधिक के प्रोत्साहन कार्यक्रम का मूल्यांकन कर रही है। यह आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लंबी दूरी की रेंज क्षमता और वाहनों की शुरुआती लागत अधिक होने जैसी चुनौतियों के कारण भारी माल परिवहन के बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण में अभी भी समय लगने की उम्मीद है।

इसके विपरीत, एलएनजी ट्रकों को तेजी से कम उत्सर्जन वाले विकल्प के रूप में देखा जा रहा है जो लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए परिचालन दक्षता बनाए रखते हुए तत्काल डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों का समर्थन करने में सक्षम हैं। एलएनजी से चलने वाले ट्रक एक टैंक में 1,200 किमी तक की यात्रा कर सकते हैं और डीजल वाहनों की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में 40 प्रतिशत तक की कमी ला सकते हैं।

एलएनजी पर बढ़ता ध्यान सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को भी बढ़ावा दे रहा है। ग्रीनलाइन की सहायक कंपनी अल्ट्रा गैस एंड एनर्जी वर्तमान में सात एलएनजी रिफ्यूलिंग स्टेशन संचालित करती है और देश भर में प्रमुख माल गलियारों के साथ नेटवर्क को 100 स्टेशनों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। प्रत्येक हब को एलएनजी ईंधन भरने, इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने और बैटरी बदलने की सुविधाओं से लैस एक एकीकृत स्वच्छ परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत के डीजल ट्रकों के बेड़े के 10 प्रतिशत को एलएनजी वाहनों से बदलने से डीजल आयात में कमी के कारण वार्षिक विदेशी मुद्रा बहिर्वाह में लगभग 3 अरब डॉलर की कमी आ सकती है।

क्षेत्र के हितधारकों का मानना है कि टोल में छूट, एलएनजी वितरण स्टेशनों के लिए त्वरित अनुमोदन, जीएसटी प्रोत्साहन और कार्बन क्रेडिट ढांचे जैसे नीतिगत हस्तक्षेप वाणिज्यिक परिवहन में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

Have something to say? Post your comment
सरकार ने चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद पर लगाई रोक, कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित

: सरकार ने चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद पर लगाई रोक, कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित

दीपावली के पीक सीजन में विरोध-प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले-कनॉट प्लेस प्रदर्शन मुक्त हो

: दीपावली के पीक सीजन में विरोध-प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित, व्यापारी बोले-कनॉट प्लेस प्रदर्शन मुक्त हो

पहली 'कांदा एक्सप्रेस' 440 टन प्याज लेकर अगरतला पहुंचेगी, त्योहारों से पहले आपूर्ति बढ़ाने पर जोर: सरकार

: पहली 'कांदा एक्सप्रेस' 440 टन प्याज लेकर अगरतला पहुंचेगी, त्योहारों से पहले आपूर्ति बढ़ाने पर जोर: सरकार

भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते से 2040 तक 100 अरब डॉलर का निवेश और 20 लाख नौकरियों के मिलेंगे अवसर

: भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते से 2040 तक 100 अरब डॉलर का निवेश और 20 लाख नौकरियों के मिलेंगे अवसर

यस बैंक को लेकर ब्रोकिंग फर्मों ने अपनाया सतर्क रुख, शेयर फिसले

: यस बैंक को लेकर ब्रोकिंग फर्मों ने अपनाया सतर्क रुख, शेयर फिसले

भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत

: भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत

सरकार ने सोने-चांदी के ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में की कटौती; गोल्ड पर 3.1 प्रतिशत और सिल्वर पर करीब 9 प्रतिशत की कमी

: सरकार ने सोने-चांदी के ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में की कटौती; गोल्ड पर 3.1 प्रतिशत और सिल्वर पर करीब 9 प्रतिशत की कमी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस का जवाब, कहा-

: एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस का जवाब, कहा- "सैटेलाइट कम्युनिकेशन में प्रतिस्पर्धा का स्वागत है, भारत के कानून सभी पर समान रूप से लागू"

सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर शुल्क घटा; नई दरें आज से लागू

: सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर शुल्क घटा; नई दरें आज से लागू

X