चंडीगढ़ : विशेष कार्य बल (एसटीएफ), हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए जिला रोहतक के कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोट्टा (आयु 39 वर्ष) को दिनांक 10 फरवरी 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित करवाया है। वर्ष 2025 से अब तक यह एसटीएफ हरियाणा द्वारा किया गया 10वां बड़ा प्रत्यर्पण है तथा अमेरिका से तीसरा महत्वपूर्ण प्रत्यर्पण है। इससे पूर्व 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर उर्फ लखा तथा 07 जनवरी 2026 को अमन भैंसवाल का प्रत्यर्पण किया जा चुका है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि एसटीएफ हरियाणा संगठित अपराध के विरुद्ध राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर, प्रभावी और समन्वित प्रयास कर रही है।
डीजीपी अजय सिंघल: संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त संदेश
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोट्टा का संयुक्त राज्य अमेरिका से सफल प्रत्यर्पण एसटीएफ हरियाणा की पेशेवर दक्षता, तकनीकी क्षमता और मजबूत अनुसंधान प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय, सटीक कानूनी प्रक्रिया और ठोस साक्ष्य प्रस्तुति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य सरकार और पुलिस विभाग की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है। यह प्रत्यर्पण न केवल एक बड़ी कानूनी उपलब्धि है, बल्कि यह उन सभी अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है जो देश से बाहर जाकर कानून से बचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपे हों, हरियाणा पुलिस उन्हें न्याय के कटघरे तक लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गैंग संबद्धता एवं आपराधिक पृष्ठभूमि
सोमबीर उर्फ मोट्टा कुख्यात अपराधी अनिल छिप्पी का भाई है तथा इसके लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से निकट संबंध रहे हैं। वर्ष 2014 में गुरुग्राम की भोंडसी जेल में मैनपाल बादली गैंग के सदस्य की हत्या में भी इसकी संलिप्तता पाई गई थी। आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, डकैती, लूट तथा आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर अपराधों में सक्रिय रहा है। इसकी आपराधिक गतिविधियाँ रोहतक, सोनीपत, झज्जर, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली एवं राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई थीं।
*आपराधिक मामलों का विवरण*
सोमबीर मोट्टा हरियाणा, दिल्ली एवं राजस्थान में दर्ज 26 संगीन आपराधिक मामलो में आरोपी है। इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, डकैती, लूट, एनडीपीएस एक्ट तथा आर्म्स एक्ट से संबंधित अपराध शामिल हैं। इसके साथ ही उसे प्रोक्लेमड ऑफेंडर भी घोषित किया गया है ।
*विधिक एवं अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई*
आरोपी के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था तथा इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी प्रसारित किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उसने धोखाधड़ी से प्राप्त पासपोर्ट के माध्यम से 03 जनवरी 2024 को मुंबई एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए भारत छोड़ा था। उक्त पासपोर्ट आरपीओ गाजियाबाद द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2024 को निरस्त कर दिया गया। इस संबंध में थाना आई.एम.टी. रोहतक में धारा 420 आईपीसी एवं 12-सी पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।