Friday, 30 October 2026
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राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित में संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से आधारित ज्ञान के महत्व पर दिया जोर

Updated on Wednesday, February 18, 2026 14:37 PM IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संस्कृत में एक सुभाषित साझा करते हुए संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से आधारित ज्ञान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा समग्र और सत्य ज्ञान व्यक्ति को पूर्णता, स्पष्टता और सत्य की सर्वोच्च अनुभूति की ओर ले जाता है।

पीएम मोदी ने एक्स पर प्राचीन संस्कृत श्लोक किया उद्धृत

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर प्राचीन संस्कृत श्लोक उद्धृत किया, “ज्ञानं तेऽहं विज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेषतः। यज्ज्ञात्व नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते।।” यह श्लोक ज्ञान और विज्ञान अर्थात सैद्धांतिक समझ तथा उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग दोनों की समग्रता पर बल देता है।

पीएम मोदी ने संदेश में किया रेखांकित

प्रधानमंत्री ने संदेश में रेखांकित किया कि जब व्यक्ति संपूर्ण और प्रमाणित ज्ञान अर्जित करता है, तब उसके लिए जानने योग्य कुछ शेष नहीं रह जाता और वह सत्य के उच्चतम स्तर को प्राप्त करता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में समग्र दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संकेत दिया कि आधुनिक युग में भी प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक समृद्धि का मार्गदर्शन कर सकती है।

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