Thursday, 29 October 2026
BREAKING
• सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और स्वदेशी सहित पंच परिवर्तन से होगा सशक्त एवं संगठित भारत का निर्माण : प्रो. डॉ. वीर सिंह रांगड़ा • बनूटी में खेल महाकुंभ 2026 का आगाज, 10 हजार खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम • हिमाचल के आर्यन हरनोट सन टीवी नेटवर्क के सन नियो चैनल के नए शो ‘जान-ए-वफ़ा’ में  निभाएंगे नवाज़ का किरदार, भूमिका में दिखेगा अभिनय का नया अंदाज़ • कैलाश फेडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर ने कर्मचारियों का 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार • अहसास ग्रुप के प्री-करवाचौथ समारोह में महिलाओं ने बिखेरे हुनर के रंग • मन की बात” परिवार मिलन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैविक खेती बारे प्रेरित किया, किसान 25 प्रतिशत जमीन पर जैविक खेती करे : अनिल विज • जब हर नागरिक कहेगा कि देश के लिए मेरा भी योगदान है, तब भारत की प्रगति को कोई नहीं रोक सकता : नायब सिंह सैनी • विकसित भारत का सपना साकार करना है तो युवाओं को नशे से बचाना होगा : राज्यपाल • हरियाणा के सोनीपत में दर्दनाक सड़क हादसा, महिला समेत 3 की मौ*त • पंचकूला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो आरोपियों को लगी गोली, पुलिसकर्मी भी घायल

राष्ट्रीय

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुए एंटोनियो गुटेरेस, राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात

Updated on Saturday, February 21, 2026 18:14 PM IST

नई दिल्ली: प्रसिद्ध बंगाली लेखक मणि शंकर मुखोपाध्याय, जिन्हें साहित्य जगत में ‘शंकर’ के नाम से जाना जाता था, का 93 वर्ष की आयु में शुक्रवार को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए परिवार, मित्रों और पाठकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शंकर बंगाली साहित्य की एक बड़ी हस्ती थे, जिन्होंने अपने शब्दों के माध्यम से लोगों के जीवन को संवेदनशीलता और गहरी समझ के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं ने अनेक पीढ़ियों के पाठकों को प्रभावित किया और भारतीय साहित्य को समृद्ध बनाया।

समृद्ध साहित्यिक विरासत

मणि शंकर मुखोपाध्याय का जन्म 7 दिसंबर 1933 को हुआ था। वे बंगाली साहित्य के अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली लेखकों में गिने जाते थे। उनकी रचनाएं शहरी जीवन की जटिलताओं, महत्वाकांक्षाओं, नैतिक द्वंद्वों और सामाजिक यथार्थ का जीवंत चित्रण करती हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में चौरंगी, सीमाबद्ध, जनअरण्य, कतो अजाना और एक एका एकाशी शामिल हैं।

सिनेमा और साहित्य पर गहरा प्रभाव

उनकी कृतियों पर आधारित कई फिल्में भी बनीं। चौरंगी का फिल्म रूपांतरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा। इसके अलावा सीमाबद्ध और जनअरण्य जैसी फिल्मों ने भी उनकी रचनात्मक दृष्टि को व्यापक पहचान दिलाई।

पुरस्कार और लेखन की विशेषता
लगभग सात दशकों के लेखन जीवन में शंकर ने अनेक उपन्यास, कहानी संग्रह, संस्मरण और निबंध लिखे। वर्ष 2020 में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी लेखनी व्यंग्य, हास्य और गहन मानवीय संवेदना के संतुलित संयोजन के लिए जानी जाती थी, जिसने शहरी मध्यम वर्ग के जीवन और संघर्षों को सशक्त अभिव्यक्ति दी।

Have something to say? Post your comment
नशे के खिलाफ देशव्यापी बाइक रैली 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के लिए रवाना, 31 अक्टूबर को परेड में होगी शामिल

: नशे के खिलाफ देशव्यापी बाइक रैली 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के लिए रवाना, 31 अक्टूबर को परेड में होगी शामिल

देवभूमि के स्वाभिमान पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे : सीएम धामी

: देवभूमि के स्वाभिमान पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे : सीएम धामी

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया भारतीय वायुसेना का दम, कोई भी लक्ष्य पहुंच से दूर नहीं: वायुसेना प्रमुख

: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया भारतीय वायुसेना का दम, कोई भी लक्ष्य पहुंच से दूर नहीं: वायुसेना प्रमुख

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में नई कपड़ा विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया

: प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में नई कपड़ा विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया

पीएम मोदी के ‘मन की बात’ से सामाजिक कार्यों और नवाचारों को मिलता है राष्ट्रीय मंच : नितिन नवीन

: पीएम मोदी के ‘मन की बात’ से सामाजिक कार्यों और नवाचारों को मिलता है राष्ट्रीय मंच : नितिन नवीन

मन की बात: पीएम मोदी ने ब्रेन रिसर्च में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया, आईआईटी मद्रास की सराहना की

: मन की बात: पीएम मोदी ने ब्रेन रिसर्च में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया, आईआईटी मद्रास की सराहना की

एशियन पैरा गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीटों को पीएम मोदी ने दी बधाई, बताया गर्व का पल

: एशियन पैरा गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीटों को पीएम मोदी ने दी बधाई, बताया गर्व का पल

रूस की संसद के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

: रूस की संसद के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

मन की बात: पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि और भाई परमानंद को किया याद, उनके जीवन को बताया प्रेरणास्रोत

: मन की बात: पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि और भाई परमानंद को किया याद, उनके जीवन को बताया प्रेरणास्रोत

युद्ध कहीं भी हो, शांति हर जगह खतरे में पड़ती है: चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन में जयशंकर

: युद्ध कहीं भी हो, शांति हर जगह खतरे में पड़ती है: चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन में जयशंकर

X