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राष्ट्रीय

देश में एआई को समावेशी कल्याण के दृष्टिकोण के साथ एक सामाजिक-उद्देश्य ढांचे के भीतर विकसित किया जा रहा है : केंद्र

Updated on Tuesday, February 24, 2026 17:32 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मशीनों की संज्ञानात्मक कार्यों जैसे सीखने, तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता को संदर्भित करता है। हाल के वर्षों में, एआई तेजी से प्रयोगात्मक उपयोग से व्‍यापक स्‍तर पर तैनाती की ओर बढ़ गया है, जो डेटा, कंप्यूटिंग शक्ति और कनेक्टिविटी में प्रगति से प्रेरित है। भारत में, एआई को समावेशी कल्याण के दृष्टिकोण के साथ एक सामाजिक-उद्देश्य ढांचे के भीतर विकसित किया जा रहा है, जो इसे विशिष्टता के बजाय समानता और व्यापक-आधारित पहुंच के उद्देश्य से एक सार्वजनिक वस्तु के रूप में स्थापित करता है।

शिक्षा और कौशल निर्माण के लिए एआई बुनियादी ढांचा
राष्ट्रीय स्तर पर, एनसीईआरटी के दीक्षा प्लेटफॉर्म में एआई-सक्षम सुविधाओं जैसे कीवर्ड-आधारित वीडियो खोज और रीड-अलाउड टूल को शामिल किया गया है, ताकि विशेष रूप से दृष्टिबाधित और विविध शैक्षिक आवश्यकताओं वाले छात्रों के लिए पहुंच बढ़ाई जा सके और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। इसमें सहायता करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग ने कक्षा आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से मूलभूत एआई और सामाजिक-तकनीकी कौशल से सुसज्जित करने के लिए यूथ फॉर उन्नति और विकास को एआई (युवा) के साथ पेश किया है। कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास सहित सभी सेक्‍टरों में एआई को सक्षम करके, यह प्रोग्राम विभिन्न संदर्भों में वास्तविक दुनिया की समस्या-समाधान और भविष्य के लिए तैयार दक्षताओं को बढ़ावा देता है।

भाषा समावेशन और बहुभाषी शासन के लिए एआई
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्‍थ और जनजातीय क्षेत्रों में नागरिकों को अपनी भाषाओं में डिजिटल सेवाओं के साथ बातचीत करने में सक्षम बनाकर भारत में भाषा पहुंच और समावेशन का विस्तार करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है, जिससे अंतिम-मील सेवा वितरण और सहभागी शासन को मजबूत किया जा सके।

भाषिणी-राष्ट्रीय प्राकृतिक भाषा अनुवाद मिशन
भाषिणी एक एआई-सक्षम भाषा प्‍लेटफॉर्म है जिसे डिजिटल सेवाओं तक पहुंचने में भाषाई बाधाओं को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और वर्तमान में यह 23 से अधिक सरकारी सेवाओं के साथ एकीकृत है। जुलाई 2022 में लॉन्च किया गया, यह प्‍लेटफॉर्म 36 से अधिक भारतीय भाषाओं में अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट और आवाज-आधारित इंटरफेस प्रदान करता है, जो विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित साक्षरता या डिजिटल दक्षता वाले उपयोगकर्ताओं के लिए समावेशन को बढ़ावा देता है। सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे और क्रॉस-सेक्टर साझेदारी के साथ एकीकरण के माध्यम से इस प्‍लेटफॉर्म ने अत्‍यधिक प्रगति की है। अक्टूबर 2025 तक, भाषिणी ने 350 से अधिक एआई भाषा मॉडल की सहायता की है और एक मिलियन डाउनलोड को पार कर चुका है।

वहीं, भाषिणी प्‍लेटफॉर्म कृषि, शासन, शिक्षा और लोक प्रशासन में बहुभाषी समाधान विकसित करने के लिए 50 से अधिक मंत्रालयों, स्टार्टअप और निजी संस्थाओं के साथ साझेदारी करते हुए सह-निर्माण और नवाचार को बढ़ावा देने वाले एक सहयोगी इकोसिस्टम के रूप में काम करता है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में वॉयस-फर्स्ट और भाषा-समावेशी डिज़ाइन को एकीकृत करके , यह अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ाता है और डिजिटल अर्थव्यवस्था में समान भागीदारी को बढ़ावा देता है।

भाषिणी संचलन केंद्रीय मंत्रालयों और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन की एक सहयोगी पहल है जो एआई-सक्षम भाषा प्रौद्योगिकियों के माध्यम से बहुभाषी शासन को मजबूत करती है। व्यापक भाषिणी कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित, यह शासन प्रक्रियाओं और सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए सार्वजनिक डिजिटल प्रणालियों में वॉयस-फर्स्ट इंटरफेस और अनुवाद क्षमताओं को एकीकृत करता है। यह पहल डोमेन-विशिष्ट भाषा मॉडल के विकास का समर्थन करती है, अनुवाद सटीकता को बढ़ाती है और सहयोगी मॉडल प्रशिक्षण के माध्यम से शब्दावली को मानकीकृत करती है। यह पहल, विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में, भाषाई समावेशन और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देती है।

भारतजेन एआई: भारत का बहुभाषी एआई मॉडल
वहीं जून 2025 में लॉन्च किया गया भारतजेन, भारत का पहला सरकारी वित्त पोषित, संप्रभु, बहुभाषी और मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल है। अंतरविषयक साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन के तहत विकसित और इंडियाएआई मिशन के माध्यम से उन्नत, यह 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है और पाठ, भाषण और दस्तावेज़-विजन क्षमताओं को एकीकृत करता है। भारत-केंद्रित डेटासेट पर निर्मित और शैक्षणिक संस्थानों के एक परिसंघ के नेतृत्व में, भारतजेन सार्वजनिक और विकासात्मक अनुप्रयोगों के लिए घरेलू रूप से विकसित एआई स्टैक स्थापित करता है।

आदि वाणी: समावेशी ग्रामीण और जनजातीय विकास को सक्षम बनाना
आदि वाणी एक एआई-सक्षम भाषा मंच है जिसे दूरस्‍थ और वंचित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के सामने आने वाली संचार बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आदि कर्मयोगी ढांचे के तहत, यह देशी जनजातीय भाषाओं में शासन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की सुविधा प्रदान करता है। राज्य जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के प्रामाणिक भाषाई डेटा का उपयोग करके विकसित, यह प्‍लेटफॉर्म सामुदायिक ज्ञान के साथ तकनीकी नवाचार को एकीकृत करता है। इसमें भाषाई सटीकता, सांस्कृतिक प्रासंगिकता और निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के लिए फीडबैक तंत्र शामिल हैं।

अनुवाद के अतिरिक्‍त, आदि वाणी प्‍लेटफॉर्म लुप्तप्राय भाषाओं और मौखिक परंपराओं को डिजिटाइज़ करके भाषा संरक्षण, सांस्कृतिक दस्तावेज़ीकरण और डिजिटल सीखने में सहायता करता है । सार्वजनिक सेवाओं में भाषाई समावेशन को बढ़ाकर और सामुदायिक सशक्तिकरण की सहायता करने के द्वारा यह प्‍लेटफॉर्म राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जुड़े समावेशी ग्रामीण और जनजातीय विकास को आगे बढ़ाने के लिए एआई के जिम्मेदार उपयोग का उदाहरण देता है।

 

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