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राष्ट्रीय

विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित बजट: प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त पर प्रधानमंत्री का जोर

Updated on Friday, February 27, 2026 14:36 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार में कहा कि राष्ट्रीय बजट कोई शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग डॉक्यूमेंट नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पॉलिसी रोडमैप होता है। उन्होंने कहा कि बजट का मूल्यांकन उन नीतियों से होना चाहिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करें, क्रेडिट फ्लो आसान बनाएं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाएं, गवर्नेंस में पारदर्शिता लाएं और नागरिकों का जीवन सरल बनाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर बजट राष्ट्र निर्माण की सतत प्रक्रिया का एक चरण है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य इसी क्रम में आगे बढ़ रहा है।

वेबिनार को प्रभावी ब्रेनस्टॉर्मिंग बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट के बाद होने वाले वेबिनार केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक अनुभवों पर आधारित प्रभावी ब्रेनस्टॉर्मिंग का मंच बनें। उन्होंने उद्योग, शिक्षाविदों, विश्लेषकों और नीति-निर्माताओं की संयुक्त भागीदारी को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और सटीक परिणामों के लिए आवश्यक बताया।

सुधारों से बनी आर्थिक मजबूती

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई बीतने के साथ भारत तेज आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण चरण में है। पिछले एक दशक में देश ने असाधारण लचीलापन दिखाया है, जो संयोग नहीं बल्कि दृढ़ नीतिगत सुधारों का परिणाम है। प्रक्रियाओं के सरलीकरण, टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस और मजबूत संस्थागत ढांचे ने अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। उन्होंने सुधारों के आकलन को घोषणाओं के बजाय जमीनी प्रभाव से जोड़ने पर बल दिया।

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से दीर्घकालिक उत्पादकता

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष फोकस रखा गया है। हाईवे, रेलवे, पोर्ट, डिजिटल नेटवर्क और पावर सिस्टम जैसे ठोस परिसंपत्तियों से दीर्घकालिक उत्पादकता पैदा होगी। उन्होंने बताया कि 11 साल पहले सार्वजनिक पूंजीगत व्यय लगभग 2 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। यह निवेश निजी क्षेत्र के लिए भी स्पष्ट संकेत है।

निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भूमिका अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग और वित्तीय संस्थानों से इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, फाइनेंसिंग मॉडल में नवाचार और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया और मूल्यांकन गुणवत्ता को मजबूत करने, लागत-लाभ विश्लेषण और लाइफसाइकिल कॉस्टिंग को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।

विदेशी निवेश और बॉन्ड मार्केट सुधार

पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी निवेश ढांचे को अधिक सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। लॉन्ग-टर्म फाइनेंस को मजबूत करने के लिए बॉन्ड मार्केट को सक्रिय बनाने और लेनदेन प्रक्रिया को आसान करने के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बॉन्ड मार्केट सुधारों को दीर्घकालिक विकास का प्रमुख आधार बताया।

रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर का सुझाव

उन्होंने कहा कि किसी भी नीति की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के साझा संकल्प के रूप में रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर विकसित करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज बनेगा।

साझा भागीदारी से विकसित भारत का निर्माण

प्रधानमंत्री ने सभी हितधारकों से बजट द्वारा उपलब्ध कराए गए अवसरों का लाभ उठाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और तेज गति से नीतियों को जमीन पर उतारकर ही सशक्त और जीवंत अर्थव्यवस्था का निर्माण संभव होगा। 

 
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