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राष्ट्रीय

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल से बनेगा विकसित भारत: प्रधानमंत्री मोदी

Updated on Monday, March 09, 2026 16:35 PM IST

बजट के बाद आयोजित वेबिनार श्रृंखला के चौथे सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि सरकार का मूल ध्येय और संकल्प है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे मूलभूत क्षेत्र जन आकांक्षाओं को पूरा करने के बड़े माध्यम हैं। इसी उद्देश्य से बजट वेबिनार में इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, विद्वानों, उद्यमियों और युवाओं के सुझाव बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

हेल्थ सेक्टर में केयर इकॉनमी के बढ़ते अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज प्रिवेंटिव और होलिस्टिक हेल्थ के लिए एक बड़े विजन पर काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और दुनिया के कई देशों में केयरगिवर्स की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में हेल्थ सेक्टर में युवाओं के लिए स्किल आधारित रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञों से नए ट्रेनिंग मॉडल और साझेदारी विकसित करने के सुझाव देने का आग्रह किया।

टेली-मेडिसिन को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

पीएम मोदी ने टेली-मेडिसिन को भी स्वास्थ्य सेवाओं का अहम माध्यम बताते हुए कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में इसका लाभ उठा रहे हैं और इस पर भरोसा बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी जागरूकता और सहजता बढ़ाने की जरूरत है।

नई शिक्षा नीति से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की नींव

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के युवाओं के माइंडसेट में बड़ा बदलाव आया है। आज गांव, कस्बों और शहरों से आगे बढ़कर हर युवा कुछ नया करने का सपना देख रहा है। उन्होंने कहा कि इस नई सोच को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा प्रणाली को लगातार आधुनिक और अपडेट रखना होगा। नई शिक्षा नीति ने इसके लिए मजबूत आधार तैयार किया है। अब जरूरी है कि पाठ्यक्रम बाजार की जरूरतों के अनुसार अपडेट हों और शिक्षा प्रणाली को रियल वर्ल्ड इकॉनमी से तेजी से जोड़ा जाए। उन्होंने AI, ऑटोमेशन, डिजिटल इकॉनमी और डिजाइन ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

एजुकेशन को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर

नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार काम हो रहा है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसे नए मॉडल इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत एवीजीसी सेक्टर यानी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स को बढ़ावा दे रहा है और देश इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षाविदों से आग्रह किया कि वे अपने कैंपस को इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और रिसर्च ड्रिवन लर्निंग का केंद्र बनाने पर विचार करें, ताकि छात्रों को रियल वर्ल्ड एक्सपोजर मिल सके।

STEM में बेटियों की बढ़ती भागीदारी

पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्रों में बेटियों की रुचि लगातार बढ़ रही है, जो गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकों के दौर में यह सुनिश्चित करना होगा कि अवसरों की कमी के कारण कोई भी बेटी पीछे न रह जाए। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ऐसा रिसर्च इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया, जहां युवा शोधकर्ताओं को नए प्रयोग और नवाचार करने के पर्याप्त अवसर मिलें।

खेलों को राष्ट्रीय विकास की धारा बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति बनती है जब वह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी हो। इसी कारण पिछले वर्षों में खेलों को राष्ट्रीय विकास की महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहलों से देश में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिली है और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने प्रतिभाओं की पहचान को बेहतर बनाने, खिलाड़ियों को संरचित आर्थिक सहायता देने और खेल संस्थाओं को अधिक प्रोफेशनल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में कॉमनवेल्थ गेम्स होने हैं और भारत ओलंपिक आयोजन के प्रयास में भी जुटा है। ऐसे में कम उम्र से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तराशना जरूरी है।

पर्यटन और संस्कृति से बढ़ेंगे रोजगार

प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन और संस्कृति रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। किसी स्थान पर पर्यटन बढ़ने से उस शहर की ब्रांडिंग और समग्र विकास भी तेज होता है। उन्होंने कहा कि भारत में ऐतिहासिक स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय तक पर्यटन कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहा। अब देश के कोने-कोने में नए पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

मजबूत टूरिज्म इकोसिस्टम के लिए होलिस्टिक अप्रोच जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के टूरिज्म इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए होलिस्टिक अप्रोच अपनानी होगी। प्रशिक्षित गाइड, हॉस्पिटैलिटी स्किल, डिजिटल कनेक्टिविटी, सामुदायिक भागीदारी और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और अकादमिक जगत मिलकर काम करते हैं तो परिवर्तन की गति तेज हो जाती है।

वेबिनार परंपरा से मिल रहे व्यावहारिक सुझाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट के बाद आयोजित वेबिनार की परंपरा से नीति निर्माण और क्रियान्वयन को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लाखों लोग इन वेबिनार से जुड़े, जिनमें विशेषज्ञ, लाभार्थी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वेबिनार से बहुत व्यावहारिक सुझाव मिल रहे हैं, जो समस्याओं के समाधान के साथ नई ऊर्जा और गति भी प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

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