फाइनेंस विभाग के सीनियर एकाउंट आफिसर विकास कौशिक को नगर परिषद कालका का एग्जीक्युटिव आफिसर कैसे लगा दिया ? प्रदेश एकाउंट सर्विस की परीक्षा पास करने के बाद तो यह स्थानीय निकाय विभाग की जगह फाइनेंस विभाग का कर्मचारी बन गया था जो ई ओ लग ही नहीं सकता। यह आरोप लगाते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष पंचकूला शहरी एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम पंचकूला में हुए अठावन करोड रूपए के एफ डी फ्राड में कालका नगर परिषद के मौजूदा कार्यकारी अधिकारी समेत तत्कालीन अधिकारी, रसूखदार राजनेता तथा कोटक महेंद्रा बैंक के कर्मचारी समान रूप से जिम्मेदार और भागीदार हैं। भाजपा सरकार बनने के कुछ समय पश्चात ही विकास कौशिक नगर निगम पंचकूला में सेक्शन आफिसर के पद पर तैनात हुआ था । तब यह स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा का कर्मचारी था । वर्ष 2019-20 में यह हरियाणा स्टेट एकाउंटस सर्विस की परीक्षा पास करने के बाद पंचकूला नगर निगम में ही एकाउंट आफिसर लग गया । साथ ही इसका केडर स्थानीय निकाय विभाग की बजाए फाइनेंस विभाग का हो गया ।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि अपने राजनीतिक आकाओं के सरंक्षण में लगातार लगभग 12 साल नगर निगम पंचकूला में ही एस ओ, ए ओ, वरिष्ठ ए ओ तथा कालका में ई ओ जैसे पदों पर विराजमान रहा। इसी दौरान कोटक महेंद्रा बैंक में निगम के खाते खोले गए, एफ डी कराई गई और अठावन करोड रूपए की मोटी रकम खुर्द बुर्द कर दी गई ।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि ई ओ की पोस्ट डिपार्टमेंटल पोस्ट है इस पर कानूनी तौर पर फाइनेंस डिपार्टमेंट का व्यक्ति लग ही नहीं सकता।
उन्होंने इस सारे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि भाजपा के जिस रसूखदार नेता के रिश्तेदार के खाते में निगम की रकम डाली गई है उसका नाम भी सार्वजनिक किया जाए।