Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम • G20 बैठक में शाम‍िल होना चाहता है रूस, पुतिन का स्वागत करूंगा : राष्ट्रपति ट्रंप • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर लालकृष्ण आडवाणी का हाल जाना • लंदन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के समर्थन में निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगाए • राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों से जुड़े कानून के अमल पर रोक लगाई • प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं • रूल ऑफ माफिया से मुक्त हुआ यूपी, अब रूल ऑफ लॉ का राज: मुख्यमंत्री योगी • गुजरात के भरूच की फार्मा कंपनी में रिएक्टर ब्लास्ट होने से 5 कर्मचारियों की मौ*त, 6 घायल • भारत से नेपाल चाहता है 'बड़ी मदद', पीएम बालेन शाह के प्रस्तावित दौरे से पहले मिले संकेत • सरकार ने चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद पर लगाई रोक, कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित

स्वास्थ्य

ज्यादा पसीना आना है हाइपरहाइड्रोसिस का संकेत, जानिए कब सतर्क होना जरूरी है?

Updated on Thursday, April 09, 2026 12:39 PM IST

शरीर से पसीना आना आम बात है, लेकिन अक्सर लोग इसे सिर्फ गर्मी या मेहनत से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो हमें स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, पसीना सिर्फ शरीर को ठंडा ही नहीं करता, बल्कि कई आंतरिक प्रक्रियाओं को संतुलित रखने में भी मदद करता है। हालांकि, जब यह सामान्य से ज्यादा होने लगे तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है। वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, पसीना हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का एक तरीका है, जिसे थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है। जब शरीर का तापमान बढ़ता है, तब त्वचा में मौजूद स्वेट ग्लैंड्स सक्रिय हो जाती हैं। ये ग्रंथियां पानी और नमक से बना एक तरल पदार्थ, यानी पसीना, बाहर निकालती हैं। जब यह पसीना त्वचा से भाप बनकर उड़ता है तो शरीर की गर्मी कम हो जाती है और हमें ठंडक महसूस होती है। यही कारण है कि दौड़ने, काम करने या धूप में रहने पर पसीना ज्यादा आता है। पसीना आना दिल की धड़कन और मेटाबॉलिज्म से भी जुड़ा होता है। जब हम शारीरिक गतिविधि करते हैं तो शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है, जिससे गर्मी पैदा होती है। इस गर्मी को संतुलित करने के लिए शरीर पसीना निकालता है। यह प्रक्रिया हमें ओवरहीट होने से बचाती है और शरीर को सुरक्षित रखती है।


लेकिन हर बार ज्यादा पसीना आना सामान्य नहीं होता। अगर बिना किसी खास वजह के बहुत ज्यादा पसीना आने लगे, तो यह हाइपरहाइड्रोसिस नाम की स्थिति का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति को इतना ज्यादा पसीना आता है कि कपड़े भीग जाते हैं या हाथों से पसीना टपकने लगता है। यह समस्या सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि इससे आत्मविश्वास कम होता है और सामाजिक स्थिति में असहजता महसूस होती है।


इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह जेनेटिक समस्या हो सकती है, जबकि कई बार यह हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड, डायबिटीज या कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट की वजह से भी हो सकता है। इसलिए अगर पसीना जरूरत से ज्यादा आ रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

Have something to say? Post your comment
चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

: बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

: गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

: महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

: मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

: शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

: बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

X