Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम • G20 बैठक में शाम‍िल होना चाहता है रूस, पुतिन का स्वागत करूंगा : राष्ट्रपति ट्रंप • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर लालकृष्ण आडवाणी का हाल जाना • लंदन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के समर्थन में निकाली रैली, ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी- मोदी’ और ‘जय श्री राम’ नारे लगाए • राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों से जुड़े कानून के अमल पर रोक लगाई • प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं • रूल ऑफ माफिया से मुक्त हुआ यूपी, अब रूल ऑफ लॉ का राज: मुख्यमंत्री योगी • गुजरात के भरूच की फार्मा कंपनी में रिएक्टर ब्लास्ट होने से 5 कर्मचारियों की मौ*त, 6 घायल • भारत से नेपाल चाहता है 'बड़ी मदद', पीएम बालेन शाह के प्रस्तावित दौरे से पहले मिले संकेत • सरकार ने चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद पर लगाई रोक, कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित

स्वास्थ्य

काला नमक: मात्रा कम लेकिन फर्क बड़ा, संतुलन बनाने में भी मददगार

Updated on Saturday, April 18, 2026 16:43 PM IST

भारतीय रसोई में काले नमक को स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि जिस भी व्यंजन में काला नमक मिलाया जाता है, उसका स्वाद दोगुना हो जाता है। काला नमक सिर्फ स्वाद को बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि इसका सेवन शरीर को संतुलित करने में मदद करता है। यह शरीर की कई बीमारियों से निजात दिलाने में सहायता करता है, लेकिन इसके सेवन की सही मात्रा और तरीके के बारे में पता होना जरूरी है। आयुर्वेद में काले नमक (सौवर्चला लवण) को सामान्य नमक से काफी अलग माना जाता है। काले नमक में सफेद नमक की तुलना में ज्यादा औषधीय गुण होते हैं, जो पेट से जुड़े रोगों को कम करने में मदद करता है। यह शरीर का संतुलन भी बनाए रखता है। खाना खाने के बाद अगर पेट फूलना, गैस बनना, कब्ज की परेशानी या फिर भारीपन महसूस होता है तो काले नमक का सेवन इन सभी परेशानियों को खत्म कर देता है। यह पाचन को सहज बनाता है।

 


हर चीज की तरह काला नमक भी तभी फायदा देता है, जब उसका सेवन सही समय और मात्रा में किया जाएगा। काले नमक का अधिक मात्रा में सेवन करना भी शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। काले नमक की तासीर गर्म और पाचन में हल्का होता है। यह शरीर में पित्त को नियंत्रित भी करता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में मदद करता है।


अगर पेट साफ नहीं होता है, तो सुबह खाली पेट चुटकी भर नमक और गुनगुने पानी का सेवन करें। इससे शरीर से विषाक्त पदार्थों आसानी से बाहर निकाल सकते हैं। हालांकि अगर हाई बीपी, किडनी से संबंधित रोग और हड्डियों से जुड़े रोग से पीड़ित हैं तो खाली पेट नमक का सेवन न करें।


काले नमक का सेवन सूजन और दर्द को भी कम करने में मदद करता है। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए काले नमक और रेत की पोटली बनाकर सिकाई कर सकते हैं। पेट की जलन को शांत करने के लिए भी काले नमक का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए दिन के समय छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर लें। इससे पेट की जलन शांत होगी और गर्मियों में शरीर का पित्त भी संतुलित रहेगा।

Have something to say? Post your comment
चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

: बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

: गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

: महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

: मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

: शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

: बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

X