Thursday, 22 October 2026
BREAKING
• 'लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं', व‍िदेशी नेताओं की ट‍िप्‍पणी पर मैक्रों भड़के • 'विदेशी स्कैम सेंटरों के ख‍िलाफ आक्रामक साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल', ट्रंप प्रशासन का दावा • आरबीआई एमपीसी मिनट्स: अर्थशास्त्रियों ने दिसंबर में लगातार दूसरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की जताई उम्मीद • भारत-ब्रिटेन व्यापार: द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए टीपीसीआई और यूकेआईबीसी ने किया समझौता • हिमाचल में कांग्रेस की विदाई और भाजपा की वापसी तय, कांग्रेस सरकार से परेशान है प्रदेश की जनता : श्रीकांत शर्मा • कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते कीमती धातुओं पर बढ़ा दबाव, सोना 1.28 प्रतिशत फिसला; चांदी में 5,600 रुपए की गिरावट • एलन मस्क की टेस्ला का तीसरी तिमाही में मुनाफा 44 प्रतिशत गिरा, राजस्व रहा स्थिर • कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 366 अंक टूटा; निफ्टी में 0.54 प्रतिशत की गिरावट • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: दो महिलाओं को पैसे देकर भेजा मुंबई, 20 दिन तक शहर में रहकर रेकी करता रहा आरोपी • तीन-चार साल की उम्र में पुलिस के चक्कर में फंस गई थीं उमा थर्मन, लाल हाई हील्स खरीदने के लिए घर से चुराए थे पैसे

हरियाणा

लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में गूंजा सिरसा का नाम, डॉ. जिंदल दंपत्ति सम्मानित

Updated on Wednesday, April 22, 2026 20:23 PM IST

सिरसा शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. कमल जिंदल और डॉ. रूपाली जिंदल ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारत का नाम रोशन किया है। दोनों चिकित्सकों ने लंदन में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में भाग लिया, जिसका आयोजन लंदन कॉलेज ऑफ होम्योपैथी एवं एशियाई होम्योपैथिक लीग के के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
सम्मेलन के दौरान डॉ. कमल जिंदल और डॉ. रूपाली जिंदल को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य और होम्योपैथी के क्षेत्र में योगदान के लिए आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बना। डॉ. कमल जिंदल ने एलोपेसिया (बाल झड़ने) के होम्योपैथिक उपचार पर आधारित अपनी केस स्टडी प्रस्तुत की। इस शोध में उन्होंने बताया कि किस प्रकार रोगी के व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर चयनित औषधियों से प्रभावी परिणाम प्राप्त हुए।


वहीं डॉ. रूपाली जिंदल ने हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं के होम्योपैथिक उपचार पर अपना शोध प्रस्तुत किया, जिसमें बिना दुष्प्रभाव के दीर्घकालिक उपचार की संभावनाओं को उजागर किया गया। दोनों शोधपत्रों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सराहा और इन्हें भविष्य के शोध के लिए उपयोगी बताया। भारत लौटने के बाद शहर के एक रेस्तरां में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए।


डॉ. कमल जिंदल ने कहा कि “हाउस ऑफ लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मंच पर अपने शोध को प्रस्तुत करना और सम्मान प्राप्त करना हमारे लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।” उन्होंने कहा कि यहां विभिन्न देशों के विशेषज्ञों से संवाद कर हमें नई चिकित्सा दृष्टियों को समझने का अवसर मिला। डॉ. रूपाली जिंदल ने बताया कि सम्मेलन में होम्योपैथी को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल देखने को मिला और उनके शोध को जिस तरह सराहा गया, वह भारतीय चिकित्सा पद्धति की स्वीकृति का प्रमाण है।


डॉ. रूपाली जिंदल ने बताया कि सम्मेलन में होम्योपैथी के प्रति वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुझान देखने को मिला और विभिन्न देशों के विशेषज्ञों के साथ संवाद से नई जानकारियां प्राप्त हुईं। डॉ. जिंदल दंपत्ति ने बताया कि सम्मेलन में आधुनिक शोध पद्धतियों, डिजिटल केस स्टडी और इंटीग्रेटेड चिकित्सा प्रणाली पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि इन अनुभवों से उन्हें अपने मरीजों को और बेहतर एवं वैज्ञानिक आधार पर उपचार देने की प्रेरणा मिली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच भारतीय होम्योपैथी को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी वे इस दिशा में कार्य करते रहेंगे।

22 देशों में गूंजा जिंदल दंपत्ति का शोध कार्य:
शहर के प्रख्यात होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. कमल जिंदल और डॉ. रूपाली जिंदल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। दोनों चिकित्सक अब तक 22 विभिन्न देशों में जाकर होम्योपैथी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके इन शोध कार्यों को न केवल व्यापक सराहना मिली है, बल्कि कई स्थानों पर इनके सकारात्मक और सुखद परिणाम भी देखने को मिले हैं।
जिंदल दंपत्ति के शोध ने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने और इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत उनके सभी शोध पत्रों को विशेषज्ञों और चिकित्सा समुदाय द्वारा सराहा गया है, जिससे भारतीय होम्योपैथी को वैश्विक पहचान मिली है।


जिंदल परिवार की नई पीढ़ी भी होम्योपैथी में सक्रिय:
शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. कमल जिंदल के पुत्र डॉ. निकत मणि जिंदल (MBBS) भी चिकित्सा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। डॉ. निकित मणि जिंदल वर्तमान में लंदन कॉलेज ऑफ होम्योपैथी से होम्योपैथी की डिग्री प्राप्त करने के लिए अध्ययनरत हैं। अपनी पढ़ाई पूर्ण करने के बाद वे एक होम्योपैथिक फिजिशियन के रूप में सेवाएं देंगे।
जिंदल परिवार की नई पीढ़ी का इस क्षेत्र में कदम रखना न केवल परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाएगा, बल्कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को और मजबूती प्रदान करेगा। गौरतलब है कि डाॅ. कमल जिंदल के पिता जी स्व. डॉ. एस.आर. जिंदल ने भी नेशनल कॉलेज सिरसा से सेवानिवृत्त होकर सिरसा के पहले होम्योपैथी चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दी थी।

Have something to say? Post your comment
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यों के लिए 399.85 करोड़ की स्वीकृति : नायब सिंह सैनी

: जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यों के लिए 399.85 करोड़ की स्वीकृति : नायब सिंह सैनी

हरियाणा में एसीबी की कार्रवाई: 5 हजार रुपये रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

: हरियाणा में एसीबी की कार्रवाई: 5 हजार रुपये रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा लोक भवन में भव्य गौशाला का किया उद्घाटन, नन्ही गाय का नाम रखा ‘गौरी’

: राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने हरियाणा लोक भवन में भव्य गौशाला का किया उद्घाटन, नन्ही गाय का नाम रखा ‘गौरी’

शिक्षा व्यक्तित्व को निखारती है, युवा देश का भविष्य और शक्ति का मुख्य केंद्र : अनिल विज

: शिक्षा व्यक्तित्व को निखारती है, युवा देश का भविष्य और शक्ति का मुख्य केंद्र : अनिल विज

बिजली के निजीकरण से जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ, किसानों और गरीबों पर पड़ेगी सबसे ज्यादा मार: हुड्डा

: बिजली के निजीकरण से जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ, किसानों और गरीबों पर पड़ेगी सबसे ज्यादा मार: हुड्डा

सिंचाई से जुड़ी लंबित समस्याओं का करें प्राथमिकता आधार पर समाधान : श्रुति चौधरी

: सिंचाई से जुड़ी लंबित समस्याओं का करें प्राथमिकता आधार पर समाधान : श्रुति चौधरी

एक आदमी की एक वोट हो, यह देखना चुनाव आयोग का काम है और चुनाव आयोग अपना धर्म निभा रहा है : अनिल विज

: एक आदमी की एक वोट हो, यह देखना चुनाव आयोग का काम है और चुनाव आयोग अपना धर्म निभा रहा है : अनिल विज

त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करें : आरती सिंह राव

: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करें : आरती सिंह राव

हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) चेयरमैन पद पर नियुक्ति के लिए लॉबिंग तेज, 22 अक्टूबर को आलोक वर्मा का कार्यकाल  हो रहा  पूरा

: हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) चेयरमैन पद पर नियुक्ति के लिए लॉबिंग तेज, 22 अक्टूबर को आलोक वर्मा का कार्यकाल हो रहा पूरा

हसनपुर में 23 अक्टूबर को लगेगा कृषि मेला,पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने लिया तैयारियों का जायजा

: हसनपुर में 23 अक्टूबर को लगेगा कृषि मेला,पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने लिया तैयारियों का जायजा

X