शिमला : हिमाचल भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा ने किन्नौर जिले के पूह मंडल की संगठनात्मक बैठक को नाको में संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में व्यापक असंतोष है और आने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता बदलाव का निर्णय लेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल में कांग्रेस की विदाई और भाजपा की वापसी होगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आम जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। प्रदेश का युवा रोजगार के अवसरों को लेकर चिंतित है, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं और किसान-बागवान भी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में अधिक व्यस्त है।
विमल नेगी की मौत के मामले का उल्लेख करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा कि इस प्रकरण ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने तथा कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं को दबाने के प्रयासों की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विमल नेगी को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठाई है और आगे भी इस मामले में निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु अत्यंत गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में सच्चाई सामने आनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस मामले में जनता की शंकाओं का संतोषजनक समाधान नहीं कर पाई है।
संगठनात्मक बैठक में श्रीकांत शर्मा ने बूथ सशक्तीकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ‘अपना बूथ, सबसे मजबूत’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि संगठन की कार्यप्रणाली का मूल आधार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ समितियों को सक्रिय रखने, नियमित बैठकों का आयोजन करने तथा स्थानीय समस्याओं को संगठन के माध्यम से उठाने का आग्रह किया।