हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों के लिए सभा निधि का अलग बैंक खाता खोलने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत अपनी सभा निधि के लिए स्वतंत्र बैंक खाता खोलना खोलना सुनिश्चित करे, ताकि निधि का उचित प्रबंधन किया जा सके और वित्तीय नियमों का पालन हो सके। पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक विजय ब्रागटा की ओर से इस संबंध में प्रदेश के समस्त जिला पंचायत अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।
पत्र में चौथी कार्रवाई रिपोर्ट के तहत स्थानीय निधि लेखा समिति की 14वीं विधानसभा की वर्ष 2026-27 की कार्रवाई रिपोर्ट के क्रम संख्या 4.4 के अंतर्गत की गई सिफारिश का उल्लेख किया गया है। विभागीय पत्र के अनुसार प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में सभा निधि के लिए अलग बैंक खाता खोलने की सिफारिश की गई है। विभाग को प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों की लगभग 930 ग्राम पंचायतों में अलग बैंक खाता खोला जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभाग को जिलों से प्राप्त सूचना के आधार पर यह भी अवगत करवाया गया है कि कुछ जिलों की सभी ग्राम पंचायतों में सभा निधि का अलग बैंक खाता नहीं खोला गया है।
संयुक्त निदेशक ने जिला पंचायत अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने जिलों की ग्राम पंचायतों में इस व्यवस्था की पुष्टि करें। यदि किसी ग्राम पंचायत ने अभी तक सभा निधि के लिए अलग बैंक खाता नहीं खोला है, तो संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही इस संबंध में विभाग को सूचना भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि निर्धारित व्यवस्था की अनुपालना की स्थिति विधानसभा सचिवालय को अवगत करवाई जा सके। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के बाद जिला स्तर पर पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया है। अलग बैंक खाते की व्यवस्था से पंचायतों की निधि का पृथक लेखा-जोखा रखने तथा वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
सभी बीडीओ से किया है आग्रह
इस संबंध में जिला पंचायत अधिकारी कांगड़ा सचिन ठाकुर ने पुष्टि करते हुए कहा कि जिले की पंचायतों में सभा निधि के लिए अलग बैंक खाता खोलने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और इस संदर्भ में जिले के खंड विकास अधिकारियों से भी आग्रह किया गया है कि पंचायतों में सभा निधि का खाता अलग से खोला जाना सुनिश्चित बनाया जाए।