शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों का चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास भी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की प्रगति की समीक्षा की और इन स्कूलों में योग्य शिक्षकों, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों के लिए जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरत का निर्धारित मानदंडों के अनुसार आकलन करने को भी कहा।
बैठक में नई योजना के तहत 3900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के साथ प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव शिक्षा डॉ. यूनुस, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।