Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• सरकार ने चीनी से बनने वाले एथेनॉल की खरीद पर लगाई रोक, कमजोर मानसून से उत्पादन प्रभावित • वर्ल्ड कप 2027 के लिए बुमराह की यह कैसी तैयारी? 2023 के बाद खेले हैं सिर्फ दो वनडे मैच • भारत बनाम वेस्टइंडीज: पांचवें टी20 मैच पर बारिश का साया, जानिए बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम का हाल • लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती, डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में चल रहा इलाज; हालत स्थिर • फेक सर्वे के जरिए बसपा को कमजोर दिखाने की साजिश, विरोधियों के दुष्प्रचार से सावधान रहें : मायावती • 'अक्का' का टीजर रिलीज, गैंगस्टर वर्ल्ड में दिखेगी दो महिलाओं की जंग • 27वीं सालगिरह पर श्रीराम नेने ने किया माधुरी को विश, बोले- तुम आज भी मेरी फेवरेट हो • दिल्ली कैपिटल्स की आधिकारिक घोषणा, श्रीलंकाई दिग्गज चामिंडा वास को बनाया तेज गेंदबाजी कोच • एकता कपूर के 'हिंदूफोबिया' बयान का पूनम पांडे ने किया समर्थन, बोलीं- मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो • ट्रंप का यू-टर्न: 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट का ऐलान, रूस से तेल खरीद पर भारत-चीन को फिलहाल टैरिफ से राहत

स्वास्थ्य

हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाने में मददगार है अंजलि मुद्रा, जानिए कैसे करती है शरीर पर असर

Updated on Friday, April 24, 2026 13:41 PM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और बिगड़ती जीवनशैली का असर सबसे ज्यादा हमारे दिल और फेफड़ों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ता मानसिक दबाव, घंटों बैठकर काम करना, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देती है। ऐसे में लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए योग को अपना रहे हैं। इन्हीं में से एक है अंजलि मुद्रा, जिसे आमतौर पर नमस्ते मुद्रा या प्रार्थना मुद्रा भी कहा जाता है। यह मुद्रा शरीर, मन और सांसों के बीच संतुलन बनाने का काम करती है। अंजलि मुद्रा में दोनों हथेलियों को जोड़ा जाता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, जब दोनों हथेलियां आपस में जुड़ती हैं, तब शरीर और मस्तिष्क के बीच एक संतुलन बनने लगता है। इससे मन शांत होता है और सांसों की गति धीरे-धीरे नियंत्रित होने लगती है। यही प्रक्रिया दिल और फेफड़ों को फायदा पहुंचाने में मदद करती है।


अंजलि मुद्रा करते समय जब व्यक्ति गहरी और धीमी सांस लेता है, तब फेफड़ों तक ऑक्सीजन बेहतर तरीके से पहुंचती है। इससे सांस लेने की प्रक्रिया संतुलित होती है और फेफड़े ज्यादा सक्रिय तरीके से काम करने लगते हैं। लगातार अभ्यास करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है। जो लोग जल्दी थकान महसूस करते हैं या तनाव के कारण तेज सांस लेने की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह मुद्रा काफी लाभकारी मानी जाती है।


धीमी और गहरी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करती हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
अंजलि मुद्रा का असर हृदय पर भी सकारात्मक माना जाता है। यह मुद्रा सीने के बीच वाले हिस्से यानी हार्ट चक्र पर ध्यान केंद्रित करती है। जब व्यक्ति शांत मन से इस मुद्रा का अभ्यास करता है, तो तनाव कम होने लगता है। तनाव कम होने का सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है, क्योंकि अत्यधिक तनाव दिल की धड़कनों और रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है।


अंजलि मुद्रा मन को शांत करके दिल पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को कम करने में मदद करती है।
इसके अलावा अंजलि मुद्रा मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच संतुलन बनाने में भी मदद करती है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है।
शारीरिक रूप से भी यह मुद्रा फायदेमंद मानी जाती है। इससे हाथों, कलाई और बांहों की मांसपेशियों में लचीलापन आता है। लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने वाले लोगों के लिए यह हल्का अभ्यास राहत देने वाला हो सकता है। साथ ही यह शरीर को भीतर से शांत करने का काम भी करता है।

Have something to say? Post your comment
चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

: बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

: गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

: महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

: मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

: शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

: बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

X