करनाल : हरियाणा के करनाल शहर में एक शातिर ठग का भंडाफोड़ हुआ है जो खुद को लीगल मैट्रोलॉजी (मापतोल विभाग) का इंस्पेक्टर बताकर व्यापारियों और फैक्ट्री संचालकों से अवैध वसूली कर रहा था। आरोपी न केवल फर्जी चालान काट रहा था, बल्कि उसने विभाग के नाम की फर्जी मोहर और पैड भी बनवा रखे थे। मामला तब सामने आया जब आरोपी सुप्रीम कूलर फैक्ट्री में रेड डालने पहुंचा। फैक्ट्री संचालक ने जब तौल का काम न होने की बात कही, तो आरोपी बहस करने लगा और कार्रवाई की धमकी देते हुए चालान काट दिया। संदेह होने पर जब संचालक ने सख्ती से पूछताछ की और लाइसेंस मांगा, तो पता चला कि आरोपी के पास केवल 'कांटे रिपेयर' करने का लाइसेंस है, न कि निरीक्षण या चालान काटने का। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पवन कुमार ने एक अन्य दुकानदार से 5400 रुपये वसूले थे। पोल खुलने पर आरोपी से पीड़ित दुकानदार की रकम मौके पर ही वापस करवाई गई। आरोपी की चालान बुक से संकेत मिले हैं कि वह 2025 से ही इस तरह की फर्जी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
आरोपी के पास से “हरियाणा लीगल मैट्रोलॉजी इंफोर्समेंट” के नाम की फर्जी मोहरें और नोटिस पैड मिले हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उसकी चालान बुक पर पहले से ही इंस्पेक्टर के साइन और स्टैंप लगे हुए थे। आरोपी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसके पास चालान काटने की कोई सरकारी अथॉरिटी नहीं है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए केस सीआईए-3 (CIA-3) करनाल को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह में कोई और तो शामिल नहीं है।