हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को पंजाब के नवांशहर पहुंचे, जहां उन्होंने सतगुरु श्री ब्रह्मानंद जी महाराज भूरीवाले के 24वें निर्वाण दिवस समारोह में भाग लिया। इस आध्यात्मिक समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुदेव के चरणों में नमन करते हुए उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
"बिनु सत्संग विवेक न होई"
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मानस की चौपाई का उल्लेख किया :
“बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥”
उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक प्राप्त नहीं होता और ईश्वर की कृपा के बिना सत्संग का सौभाग्य नहीं मिलता। उन्होंने नवांशहर की पावन धरा पर इस अवसर को अपना सौभाग्य बताया।
मानव सेवा और समाज उत्थान का संकल्प
मुख्यमंत्री सैनी ने सतगुरु श्री ब्रह्मानंद जी महाराज के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरुदेव ने न केवल अध्यात्म का ज्ञान दिया, बल्कि "मानव सेवा ही ईश्वर की सेवा है" के सिद्धांत को अपने जीवन में जीकर दिखाया।
शिक्षा और स्वास्थ्य में योगदान: महाराज जी द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं।
प्रेरणादायक जीवन: उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने में समर्पित कर दिया।
भूरीवाले संप्रदाय से जुड़ाव : समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन पर संप्रदाय के अनुयायियों और आयोजन समिति ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सतगुरु के विचार सदैव मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे और समाज में प्रेम व सद्भाव की भावना को सुदृढ़ करेंगे।