Monday, 19 October 2026
BREAKING
• एलन मस्क का बड़ा ऐलान, अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा 'स्पेसएक्स' का एक शेयर • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान रवाना, शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे • नवरात्र के नौवें दिन पीएम मोदी ने मां सिद्धिदात्री को किया नमन, शेयर किया देवी स्तुति का भजन • महानवमी पर देशभर के प्रमुख नेताओं ने दी शुभकामनाएं, मां सिद्धिदात्री से मांगी सुख-समृद्धि • कच्चे तेल के दबाव के बावजूद रुपया हुआ मजबूत, केंद्रीय बैंक के समर्थन से मुद्रा को मिला सहारा • वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, गिरावट के साथ कारोबार करने लगा सेंसेक्स-निफ्टी • IMF की चेतावनी: साइबर हमले वित्तीय सिस्टम का भरोसा हिला सकते हैं • शीतल देवी ने रचा इतिहास: पैरा एशियन गेम्स में की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 3 संदिग्ध कोटा से पकड़े गए,मुंबई में मिली वारदात में इस्तेमाल बाइक • टाइगर श्रॉफ गोलीबारी के समय गाड़ी में नीचे झुकने के कारण बचे, शीशे के टुकड़े से लगी चोट: मुंबई पुलिस

मनोरंजन

51 रुपये के इनाम से शुरू हुआ था पंकज उधास का सफर, फिर गजल की दुनिया के बन गए सम्राट

Updated on Saturday, May 16, 2026 19:42 PM IST

मुंबई : भारतीय संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रहती हैं। ऐसी ही एक आवाज थी मशहूर गजल गायक पंकज उधास की। उनकी गजलें लोगों की भावनाएं हुआ करती थीं। उनकी गायकी में ऐसी मिठास थी, जो सीधे दिल को छू जाती थी। इस महान गायक के सफर की शुरुआत एक छोटे से मंच और सिर्फ 51 रुपये के इनाम से हुई थी।

पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में एक जमींदार परिवार में हुआ था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई मनहर उधास और निर्मल उधास पहले से ही संगीत की दुनिया से जुड़े हुए थे। घर में संगीत का माहौल था, इसलिए बचपन से ही पंकज का मन भी सुरों में लगा हुआ था।

पंकज उधास ने राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी में तबला सीखना शुरू किया। बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की भी ट्रेनिंग ली। पढ़ाई के साथ-साथ उनका पूरा ध्यान संगीत पर रहता था। उन्होंने मुंबई से विज्ञान विषय में डिग्री भी हासिल की। हालांकि, उनका असली सपना संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना था।

उनकी जिंदगी का सबसे खास किस्सा भारत-चीन युद्ध के समय का है। उस दौरान उनके बड़े भाई मनहर उधास का एक स्टेज शो चल रहा था। छोटे से पंकज ने मंच पर जाकर 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गीत गाया। उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद एक व्यक्ति इतना भावुक हो गया कि उसने मंच पर ही पंकज को 51 रुपये इनाम में दिए। आज के समय में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन उस दौर में यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी।

पंकज उधास ने कई इंटरव्यू में कहा कि वही 51 रुपए उनके जीवन का पहला सम्मान था। पंकज के लिए संगीत की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं था। उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्हें फिल्मों में पहला मौका साल 1972 में आई फिल्म 'कामना' से मिला। फिल्म तो सफल नहीं हुई लेकिन उनकी आवाज लोगों को पसंद आई। इसके बाद उन्होंने गजल गायकी की ओर कदम बढ़ाया। उन्होंने उर्दू सीखी ताकि गजल को सही भाव और अंदाज में गा सकें।

साल 1980 में उनका पहला गजल एल्बम 'आहट' रिलीज हुआ। इस एल्बम ने उन्हें नई पहचान दी। इसके बाद 'तरन्नुम', 'महफिल' और 'नायाब' जैसे एल्बम आए, जिन्होंने उन्हें गजल की दुनिया का बड़ा नाम बना दिया। फिर साल 1986 में फिल्म 'नाम' का गाना 'चिट्ठी आयी है' आया और पंकज उधास रातोंरात स्टार बन गए। यह गाना आज भी लोगों की आंखें नम कर देता है।

पंकज उधास ने सिर्फ गजल ही नहीं बल्कि फिल्मों में भी कई यादगार गाने गाए। 'चांदी जैसा रंग है तेरा', 'ना कजरे की धार', 'थोड़ी थोड़ी पिया करो' और 'चुपके चुपके' जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2006 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा। बाद में उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया।

26 फरवरी 2024 को पंकज उधास ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन उनकी आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।

Have something to say? Post your comment
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 3 संदिग्ध कोटा से पकड़े गए,मुंबई में मिली वारदात में इस्तेमाल बाइक

: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में 3 संदिग्ध कोटा से पकड़े गए,मुंबई में मिली वारदात में इस्तेमाल बाइक

टाइगर श्रॉफ गोलीबारी के समय गाड़ी में नीचे झुकने के कारण बचे, शीशे के टुकड़े से लगी चोट: मुंबई पुलिस

: टाइगर श्रॉफ गोलीबारी के समय गाड़ी में नीचे झुकने के कारण बचे, शीशे के टुकड़े से लगी चोट: मुंबई पुलिस

टाइगर श्रॉफ ही नहीं, इन स्टार्स के घर पर भी हो चुकी है फायरिंग, देखें पूरी लिस्ट

: टाइगर श्रॉफ ही नहीं, इन स्टार्स के घर पर भी हो चुकी है फायरिंग, देखें पूरी लिस्ट

'चलो शादी कर लेते हैं', रश्मिका ने पूरे एक साल तक विजय से की थी जिद, करण जौहर के शो में खुला राज

: 'चलो शादी कर लेते हैं', रश्मिका ने पूरे एक साल तक विजय से की थी जिद, करण जौहर के शो में खुला राज

मुंबई : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर 15 पुलिस टीमों का गठन, हमलावरों की तलाशी जारी

: मुंबई : एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर 15 पुलिस टीमों का गठन, हमलावरों की तलाशी जारी

मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर अज्ञात हमलवारों ने की फायरिंग, ड्राइवर घायल

: मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर अज्ञात हमलवारों ने की फायरिंग, ड्राइवर घायल

बचपन में सीता बनती थीं 'मिर्जापुर' की डिम्पी, हर्षिता गौर ने सुनाईं दिल्ली में दशहरा मनाने की यादें

: बचपन में सीता बनती थीं 'मिर्जापुर' की डिम्पी, हर्षिता गौर ने सुनाईं दिल्ली में दशहरा मनाने की यादें

'डायबिटीज मेरी जिंदगी का हिस्सा है, पूरी पहचान नहीं', ऐश्वर्या सखुजा ने बयां किया 10 साल का अनुभव

: 'डायबिटीज मेरी जिंदगी का हिस्सा है, पूरी पहचान नहीं', ऐश्वर्या सखुजा ने बयां किया 10 साल का अनुभव

जैकी श्रॉफ ने ताजा की पुरानी यादें, 'तेरी मेहरबानियां' के 41 और 'रिटर्न ऑफ ज्वेल थीफ' के 30 साल पूरे

: जैकी श्रॉफ ने ताजा की पुरानी यादें, 'तेरी मेहरबानियां' के 41 और 'रिटर्न ऑफ ज्वेल थीफ' के 30 साल पूरे

बॉलीवुड डेब्यू को लेकर नर्वस हैं ईशा मालवीय, बोलीं-'आउटसाइडर को मौका मिलना मेरे लिए बड़ी बात'

: बॉलीवुड डेब्यू को लेकर नर्वस हैं ईशा मालवीय, बोलीं-'आउटसाइडर को मौका मिलना मेरे लिए बड़ी बात'

X