यूपी में अलीगढ़वासियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही अलीगढ़ से मुरादाबाद जाने में समय कम लगेगा और सफर भी रोड कनेक्टिविटी के चलते बेहतर होगा। दरअसल प्रस्तावित अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर जिले के 47 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण की आधिकारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। एजेंसी ने डीपीआर बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने डीएम, अलीगढ़ को पत्र भेजकर कॉरिडोर के दायरे में आने वाले अलीगढ़ जिले के कुल 47 गांवों के राजस्व मानचित्र और अन्य आवश्यक भूमि रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यह राजस्व गांव तहसील कोल और तहसील गभाना में हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों पर एनएचएआई ने इस ग्रीनफील्ड हाईवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन तैयार करने का जिम्मा मैसर्स चैतन्या प्रोजेक्ट्स कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड को मैसर्स भवानी कंसलटेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से संयुक्त रूप से सौंपा है। इस कॉरिडोर के संरेखण (एलाइनमेंट) को मंत्रालय द्वारा पहले ही हरी झंडी दी जा चुकी है।
एनएचएआई ने पत्र में स्पष्ट किया है कि कॉरिडोर का रूट अलीगढ़ के कई गांवों से होकर गुजरेगा। जमीन की पैमाइश और अधिग्रहण की कागजी कार्रवाई को समय से पूरा करने के लिए कंसलटेंसी कंपनियों के चार अधिकृत प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें रजित ठाकुर, प्रीतेश्वर पटेल, अव्लेंद्र प्रताप और हितेश कौशिक शामिल हैं। ये प्रतिनिधि सीधे अलीगढ़ के राजस्व अधिकारियों जैसे तहसीलदार और लेखपालों से संपर्क कर प्रभावित गांवों के विलेज मैप और जमीन से जुड़ी अन्य जानकारियां हासिल करेंगे, ताकि इन्हें हाईवे के फाइनल डिजाइन और डीपीआर में शामिल किया जा सके।
कोल तहसील के अंतर्ग आने वाले गांव
कस्तरी वैश्या, पाला माजरा कस्तरी वैश्या, चन्दौखा, छेरत सुधियाल, साठा, खेरुपूरा, सपेरा भानपुर, जतपुर (जाटपुरा), किथारा, मोर्थल, बरौथ, बरौथा, मोहनपुर, हरदुआगंज, नयाबास नरेन्द्र गढ़ी, आज़माबाद महुआ, सिकंदरपुर महुआ, इमलानी, मई, खान आलमपुर, चंगेरी, महमूदपुर जमालपुर, भोजपुर, अलाहदादपुर, पनैथी, अदौन, जलुपुर सिहोर, भगवानपुर, फरीदपुर और जवां सिकंदरपुर।
कलक्ट्रेट को सौंपी सूची
परियोजना के शुरुआती चरणों में किमी 0.00 से किमी 33.380 के तहत कलेक्ट्रेट को सौंपी गई सूची के अनुसार, अलीगढ़ की दो प्रमुख तहसीलों कोल और गभाना के गांव इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से सीधे प्रभावित होंगे।