पंचकूला ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री अजय कुमार घंघस ने बताया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष, माननीय न्यायमूर्ति दीपक सिबल के निर्देशों के पालन में, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचकूला के ज़िला न्यायालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान, पंचकूला ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री संजय संधीर ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया और पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण के महत्व पर ज़ोर दिया। पंचकूला ज़िला न्यायालयों के अन्य न्यायिक अधिकारियों - जैसे अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश (Add. D&SJ) श्री बिक्रमजीत अरोड़ा, श्री अमित शर्मा, श्री हिमांशु सिंह; परिवार न्यायालय की अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री रेखा; न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMIC) सुश्री मनमीत कौर, सुश्री अरुणिमा चौहान, सुश्री अभिधा गुप्ता; और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विनोद कुमार सैनी - ने भी वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और न्यायालय परिसर में विभिन्न पौधे लगाए।
HALSA के सदस्य सचिव और ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री जगदीप सिंह लोहान ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने हरियाणा वन विभाग के सहयोग से पूरे राज्य में एक 'मेगा वृक्षारोपण अभियान' शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य आगामी मानसून सीज़न के दौरान पूरे राज्य में लगभग 10 लाख पौधे लगाना है और यह 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
श्री घंघस ने आगे बताया कि हरियाणा में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सभी ज़िला एवं सत्र न्यायाधीशों (जो अध्यक्ष भी हैं) और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों (जो सचिव भी हैं) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते हुए, माननीय न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर ज़ोर दिया और सभी हितधारकों से एक हरित और टिकाऊ भविष्य बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान करने का आह्वान किया। माननीय न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स, ADR सेंटर, न्यायिक आवासीय कॉम्प्लेक्स और अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएं। इसमें खास तौर पर देशी, औषधीय, फल देने वाले और छायादार पेड़ों की प्रजातियों पर ज़ोर दिया जाए।
श्री घंघास ने आगे बताया कि माननीय जस्टिस दीपक सिबल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पौधे लगाना जितना ज़रूरी है, उनकी सुरक्षा और देखभाल करना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने सभी ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि लगाए गए पेड़ों की उचित देखभाल, रखरखाव और निगरानी सुनिश्चित की जाए। इस पहल का मकसद हरियाली बढ़ाना, जैव-विविधता को मज़बूत करना और नागरिकों, खासकर स्कूली बच्चों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
श्री घंघास ने कहा कि ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सभी नागरिकों से अपील की कि वे पेड़ लगाने के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें और एक हरे-भरे, साफ़-सुथरे और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान दें।