पंचकूला : नगर निगम आयुक्त श्री विनय कुमार ने आज संपत्ति कर वसूली की प्रगति की समीक्षा हेतु अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने संपत्ति कर संग्रहण में तेजी लाने, बकायादारों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा बकाया राशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगर निगम पंचकूला का कुल संपत्ति कर बकाया लगभग 108 करोड़ रुपये है। इनमें से लगभग 40 करोड़ रुपये ऐसे करदाताओं पर बकाया हैं जिनकी देय राशि 2 लाख रुपये से अधिक है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम दो महीनों में निगम द्वारा लगभग 4.30 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली की जा चुकी है।
बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को संपत्ति कर जमा कराने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर पर देय ब्याज में 100 प्रतिशत छूट की सुविधा केवल 30 जून 2026 तक उपलब्ध है। इसलिए अधिक से अधिक करदाताओं तक यह जानकारी पहुंचाई जाए ताकि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपना बकाया कर समय पर जमा कर सकें।
इस अवसर पर श्री विनय कुमार ने पंचकूला के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में स्वच्छता, सड़क निर्माण, पार्कों के रखरखाव, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग तथा अन्य आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इन सभी जनहित कार्यों के लिए संपत्ति कर निगम की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
आयुक्त ने कहा कि “समय पर संपत्ति कर जमा करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने करदाताओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे 30 जून 2026 से पूर्व अपना बकाया संपत्ति कर जमा कर ब्याज पर उपलब्ध 100 प्रतिशत छूट का लाभ उठाएं तथा पंचकूला के विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं के निर्माण में अपना सहयोग दें।”
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम अब संपत्ति कर बकायादारों के प्रति और अधिक सख्त रुख अपनाएगा। बड़े बकायादारों को प्राथमिकता के आधार पर नोटिस जारी किए जाएंगे तथा निर्धारित समयावधि में बकाया राशि जमा न कराने वाले करदाताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संपत्तियों को सील करने सहित अन्य कानूनी उपाय भी अपनाए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए वसूली अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि निगम के राजस्व में वृद्धि हो और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें