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स्वास्थ्य

शिमला मिर्च खाने से बढ़ सकता है पोटैशियम? डायलिसिस मरीज बरतें जरूरी सावधानी

Updated on Saturday, July 04, 2026 17:54 PM IST

किडनी की बीमारी और डायलिसिस की स्थिति में खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से कई ऐसे मिनरल्स बाहर नहीं निकल पाते जो सामान्य रूप से यूरिन के जरिए निकल जाते हैं। इन्हीं में सबसे महत्वपूर्ण तत्व पोटैशियम भी है। यही वजह है कि डायलिसिस पर रहने वाले मरीजों को हर खाने-पीने की चीज सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है।

डायलिसिस एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसमें मशीन की मदद से खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त मिनरल्स निकाले जाते हैं। सामान्य स्थिति में किडनी शरीर में पोटैशियम का संतुलन बनाए रखती है, लेकिन जब किडनी फेल हो जाती है या गंभीर रूप से कमजोर हो जाती है, तो यह संतुलन बिगड़ जाता है।

शरीर में पोटैशियम बढ़ने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरकलेमिया कहा जाता है, जो दिल की धड़कन पर गंभीर असर डाल सकती है। कई मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। इसी कारण डॉक्टर मरीजों को पोटैशियम नियंत्रित आहार लेने की सलाह देते हैं।

शिमला मिर्च को आमतौर पर एक हल्की और सुरक्षित सब्जी माना जाता है। मेडिकल न्यूट्रिशन के आंकड़ों के अनुसार, 100 ग्राम कच्ची हरी शिमला मिर्च में लगभग 170 से 180 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है। लाल शिमला मिर्च में यह मात्रा थोड़ी ज्यादा, यानी करीब 190 से 210 मिलीग्राम तक हो सकती है, जबकि पीली शिमला मिर्च में भी यह स्तर लगभग इसी तरह रहता है। तुलना के तौर पर, यह मात्रा कई अन्य सब्जियों और फलों से कम मानी जाती है, इसलिए इसे लो-पोटैशियम फूड की श्रेणी में रखा जाता है।

इसके साथ ही शिमला मिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं।

अगर बात डायलिसिस मरीजों की करें, तो विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करने की सलाह दी जाती है। इसे एक सहायक सब्जी के रूप में थोड़ी मात्रा में खाया जा सकता है, लेकिन इसे मुख्य भोजन का बड़ा हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी आहार को अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूरी मानी जाती है।

अगर कोई मरीज शिमला मिर्च के साथ टमाटर, आलू या अन्य हाई-पोटैशियम सब्जियां भी लेता है, तो शरीर में कुल पोटैशियम बढ़ सकता है। इसी कारण डाइट विशेषज्ञ अक्सर पूरे भोजन का संतुलन देखकर सलाह देते हैं।

 

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