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हरियाणा

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान ने भारत की एकता, अखंडता को किया मज़बूत : नायब सिंह सैनी

Updated on Sunday, July 05, 2026 19:55 PM IST

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया। उन्होंने जो आवाज़ उठाई और जो सपना देखा, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर पूरा किया है। आज, भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी तक शान से लहरा रहा है। नायब सिंह सैनी रविवार को पंजाब के पठानकोट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर पठानकोट के विधायक अश्विनी शर्मा, पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश बब्बू, पूर्व विधायक सीमा कुमारी और दूसरे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पठानकोट सिर्फ़ एक शहर नहीं बल्कि ‘भारत माता’ की उत्तरी सीमा है। यह बहादुर योद्धाओं, शहीदों, देशभक्तों और देश के महान सपूतों की धरती है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। यहां की मिट्टी में वीरता की खुशबू और हवा में देशभक्ति की भावना है।


उन्होंने कहा कि इतिहास कुछ खास शख्सियतों को सिर्फ़ किताबों से नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों से याद रखता है जो उनके आदर्शों को जीवन में अपनाती हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे ही दूर की सोचने वाले नेता थे जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी भारत की एकता, अखंडता, आत्म-सम्मान और राष्ट्रीय चेतना के लिए लगा दी। वे अपने समय के न सिर्फ नेता थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक भी थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी जी एक प्रसिद्ध शिक्षाविद होने के साथ साथ एक प्रखर राजनेता भी थे।


उन्होंने कहा कि सिर्फ़ 33 साल की उम्र में ही वे कलकत्ता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर बन गए। बंगाल के लोग उन्हें बहुत सम्मान और प्यार देते थे और उन्हें “बंगाल का टाइगर” कहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का लक्ष्य मज़बूत और आत्मनिर्भर भारत बनाना था। इसी मकसद से वे जनता के बीच आए और आज़ाद भारत के पहले उद्योग मंत्री बने। लेकिन 1950 में जब उसूलों और पावर को चुनने का मौका मिला, तो उन्होंने पद के बजाय देश हित को चुना। उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान से लाखों हिंदुओं और सिखों के निकाले जाने और लियाकत-नेहरू समझौते पर गहरी असहमति जताई और केन्द्रीय कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया। इस फ़ैसले से उन्होंने साबित कर दिया कि देश उनके लिए किसी भी पद से ज़्यादा ज़रूरी था।


उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा दिया था, “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।” यह सिर्फ़ एक राजनेतिक नारा नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज़ थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत में पूरी तरह मिलाने के लिए संघर्ष किया और बिना परमिट के इस इलाके में आने का निर्णय लिया। उन्हें माधोपुर से जम्मू और कश्मीर में प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया गया। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी उनके साथ थे। बाद में हिरासत में रहते हुए डॉ. मुखर्जी का निधन हो गया। यह कोई साधारण मृत्यु नहीं थी बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए किया गया सर्वोच्च बलिदान था।


अनुच्छेद 370 के हटने से डॉ. मुखर्जी का विजन हुआ पूरा
उन्होंने कहा कि जिस मिशन के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, वह 5 अगस्त, 2019 को पूरा हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। आज भारतीय तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी और अटक से कटक तक शान और सम्मान के साथ लहराता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का कायापलट
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया अब भारत को एक नए नजरिए से देखती है। एक देश जिसे कभी वैश्विक समस्याओं का हिस्सा माना जाता था, अब दुनिया को समाधान देने वाले राष्ट्र के रूप में उभरा है। यह परिवर्तन रातों रात नहीं हुआ है। यह भारतीयों की कड़ी मेहनत, विश्वास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों, समर्पण, त्याग और प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में सरकार की अलग-अलग पहलों से लाखों गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। आयुष्मान भारत स्कीम के ज़रिए गरीब और ज़रूरतमंद नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिली है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा में चिरायु स्कीम को आयुष्मान भारत के साथ जोड़कर हेल्थकेयर सिक्योरिटी का दायरा बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने हर गाँव तक टेक्नोलॉजी पहुँचाई है, स्किल इंडिया ने युवाओं को निपुणता दी हैं और मेक इन इंडिया ने भारत की इंडस्ट्रियल क्षमताओं को मज़बूत किया है। देश भर में आधुनिक एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, वंदे भारत जैसी एडवांस्ड ट्रेनें शुरू की जा रही हैं और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जहाँ कुछ लोग “आम आदमी क्लीनिक” की बात करते हैं, वहीं हरियाणा सरकार ने पूरे हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने पर ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज बनाने के विज़न के मुताबिक हरियाणा में पहले ही 17 मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं और हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए और संस्थानों पर काम जारी है।


हरियाणा का मॉडल पारदर्शी सुशासन और जनहितैषी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन मॉडल को अपनाया है। सरकार किसी जाति, परिवार या वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक की तरक्की के लिए काम करती है। पिछले कुछ सालों में, लगभग 2 लाख युवाओं को बिना पर्ची खर्ची के नौकरियां दी गई है।
उन्होंने कहा कि जब वह पंजाब की ओर देखते हैं, तो उन्हें चिंता और दर्द महसूस होता है। आज पंजाब में समाज का हर वर्ग ठगा सा महसूस कर रहा है। युवाओं से नौकरी के वादे किए गए, लेकिन आज युवा नशे की गिरफ्त में हैं ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों से खुशहाली और बेहतर रिटर्न का वादा किया गया था, फिर भी वे अपनी फसल के सही दाम के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जहां सभी 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से वित्तीय मदद के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब चार साल बीत जाने के बाद भी वायदें पूरे नहीं हुए हैं। हरियाणा में महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपए दिए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा में किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जा रहा है। 2004 से 2014 के बीच, कांग्रेस सरकार ने फसल नुकसान के मुआवजे के तौर पर सिर्फ़ 1,136 करोड़ रुपये दिए, जबकि वर्तमान सरकार ने 2014 से अब तक किसानों को लगभग 16,500 करोड़ रुपये दिए हैं।


पंजाब का भविष्य दिल्ली नहीं, बल्कि उसके लोग करेंगे तय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य दिल्ली की राजनीति से नहीं, बल्कि खुद पंजाब के लोग तय करेंगे। पंजाब के किसान, युवा, माताएं और बहनें राज्य की दिशा और भाग्य तय करेंगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब के लोगों से सत्ता नहीं, बल्कि उनकी सेवा करने का मौका मांग रही है। लोगों के आशीर्वाद से पंजाब एक बार फिर “रंगला पंजाब” बनेगा। उन्होंने कहा कि यही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और एक विकसित भारत बनाने की मज़बूत नींव होगी।

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