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स्वास्थ्य

कॉफी का सहारा, मीठे की चाह और बेवजह गुस्सा... कहीं कम नींद तो नहीं इसकी वजह?

Updated on Saturday, August 01, 2026 19:06 PM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर नींद पूरी नहीं हो पाती। शुरुआत में इसका असर सिर्फ थकान के रूप में दिखाई देता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर कई ऐसे संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कई बार हमें लगता है कि बार-बार चाय या कॉफी की जरूरत, बिना वजह गुस्सा आना या मीठा खाने का मन करना सामान्य बात है लेकिन ये शरीर के ऐसे संकेत हो सकते हैं, जो बता रहे हों कि उसे आराम की जरूरत है।

दरअसल, नींद केवल शरीर को आराम देने का समय नहीं है बल्कि इस दौरान शरीर खुद को ठीक करने, ऊर्जा वापस लाने और दिमाग को व्यवस्थित करने का काम करता है। जब नींद पूरी नहीं होती तो इसका असर हमारी सोच, मूड, भूख और रोगों से लड़ने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।

अगर सुबह उठते ही या दिनभर काम करने के लिए बार-बार चाय या कॉफी का सहारा लेना पड़ता है, तो यह कम नींद का संकेत हो सकता है। कैफीन कुछ समय के लिए दिमाग को सक्रिय महसूस करा देती है, जिससे नींद और थकान का एहसास कम होता है लेकिन यह शरीर को वह आराम नहीं दे सकती, जो अच्छी नींद से मिलता है।

कई लोगों को नींद पूरी न होने पर अचानक मीठी चीजें, फास्ट फूड या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने की इच्छा होने लगती है। इसकी वजह शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। वहीं, कम नींद के कारण भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। ऐसे में शरीर जल्दी ऊर्जा देने वाली चीजों की मांग करने लगता है। इसके अलावा जब दिमाग थका हुआ होता है तो खाने को लेकर खुद पर नियंत्रण रखना भी मुश्किल महसूस होता है।

अगर पहले की तुलना में अब छोटी बातों पर ज्यादा गुस्सा आने लगा है या मन जल्दी खराब हो जाता है, तो इसके पीछे नींद की कमी भी एक वजह हो सकती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर दिमाग भावनाओं को संभालने में कमजोर पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति छोटी परेशानियों को भी ज्यादा बड़ा महसूस करता है। नींद पूरी होने पर जहां व्यक्ति शांत रह पाता है, वहीं कम नींद की स्थिति में धैर्य कम हो सकता है और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

नींद की कमी का सीधा असर दिमाग की कार्यक्षमता पर पड़ता है। अगर ध्यान लगाने में परेशानी हो रही है, चीजें याद रखने में दिक्कत आ रही है या छोटे फैसले लेने में भी ज्यादा समय लग रहा है, तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि उसे पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा। अच्छी नींद दिमाग को नई जानकारी समझने, याद रखने और सही निर्णय लेने में मदद करती है। लगातार कम सोने से सोचने की गति और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

अगर आपको बार-बार सर्दी, जुकाम या संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगी हैं, तो इसका संबंध कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता से हो सकता है। शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में नींद की अहम भूमिका होती है। जब व्यक्ति लगातार कम सोता है तो शरीर की सुरक्षा प्रणाली प्रभावित हो सकती है। इससे सामान्य संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है और व्यक्ति जल्दी बीमार महसूस कर सकता है।

हालांकि ये सभी संकेत नींद पूरी न होने की ओर संकेत कर सकते हैं लेकिन हर बार इसकी वजह सिर्फ नींद ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। तनाव, चिंता, मानसिक दबाव, थायरॉयड की समस्या, पोषण की कमी, ब्लड शुगर से जुड़ी परेशानी या कुछ दवाओं के असर से भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

 

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