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स्वास्थ्य

हर मच्छर का अपना 'फेवरेट' इंसान! 119 लोगों पर हुई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

Updated on Saturday, August 08, 2026 16:12 PM IST

अगर आपको लगता है कि मच्छर आपको दूसरों से ज्यादा काटते हैं, तो हो सकता है कि आप किसी खास प्रजाति के मच्छर के 'फेवरेट' हों। लेकिन जरूरी नहीं कि हर मच्छर आपको पसंद करे। एक नई स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियां अलग-अलग इंसानों की तरफ आकर्षित होती हैं। फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एफआईयू) के शोधकर्ताओं ने 119 लोगों पर यह अध्ययन किया। इसमें दुनिया की तीन ऐसी मच्छर प्रजातियों को शामिल किया गया, जो इंसानों में कई गंभीर बीमारियां फैला सकती हैं। शोधकर्ताओं ने देखा कि इन तीनों प्रजातियों को इंसानों की गंध और शरीर से निकलने वाले अलग-अलग रासायनिक संकेत किस तरह आकर्षित करते हैं। अध्ययन में एडीज एजिप्टी, एडीज एल्बोपिक्टस और क्यूलेक्स क्विनक्वेफैसिएटस को शामिल किया गया। ये तीनों अलग-अलग बीमारियों को फैलाने में भूमिका निभाते हैं। इनमें डेंगू, जीका, येलो फीवर और वेस्ट नाइल जैसी बीमारियां शामिल हैं। नतीजें चौंकाने वाले थे। तीनों प्रजातियों ने एक जैसे लोगों को पसंद नहीं किया। हर प्रजाति ने इंसानी शरीर की गंध को अपने तरीके से 'पढ़ा' और उसके आधार पर तय किया कि किस इंसान के पास जाना है।


दरअसल इंसानी शरीर से एक हजार से ज्यादा तरह के वाष्पशील कार्बनिक यौगिक निकल सकते हैं। इनमें से कई के बारे में वैज्ञानिक अभी पूरी तरह नहीं जानते। यही रसायन हमारी प्राकृतिक गंध का हिस्सा बनते हैं और मच्छरों के लिए किसी तरह के संकेत का काम कर सकते हैं।
स्टडी में सामने आया कि एडीज एजिप्टी ऐसे लोगों की ओर ज्यादा आकर्षित हुआ, जिनकी त्वचा में कुछ खास वाष्पशील रसायन कम मात्रा में थे और जो शरीर पर कोई अतिरिक्त खुशबू नहीं लगा रहे थे। इस प्रजाति ने पुरुषों की तरफ हल्की ज्यादा पसंद भी दिखाई। यह मच्छर दिन के समय ज्यादा सक्रिय रहता है।


वहीं एडीज एल्बोपिक्टस, जिसे एशियन टाइगर मच्छर भी कहा जाता है, त्वचा से प्राकृतिक रूप से निकलने वाले कुछ खास केटोन्स और पौधों जैसी गंध वाले रसायनों की ओर ज्यादा आकर्षित हुआ। यह भी दिन में सक्रिय रहने वाली प्रजाति है।
तीसरी प्रजाति क्यूलेक्स क्विनक्वेफैसिएटस की पसंद और भी अलग निकली। यह मच्छर आमतौर पर रात में ज्यादा सक्रिय होता है और इंसान की त्वचा पर मौजूद माइक्रोबायोम यानी बैक्टीरिया, फंगस और दूसरे सूक्ष्मजीवों के समुदाय को पहचानने पर ज्यादा निर्भर करता है।


हमारी त्वचा पर हमेशा लाखों-करोड़ों सूक्ष्मजीव मौजूद रहते हैं। ये माइक्रोब्स हमारी त्वचा की गंध को प्रभावित करते हैं। स्टडी में पाया गया कि कुछ बैक्टीरियल परिवार मच्छरों को इंसान की तरफ आने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जबकि कुछ दूसरे बैक्टीरिया उन्हें दूर रखने वाले संकेत दे सकते हैं।
बता दें कि यह अध्ययन वैज्ञानिक जर्नल आईसाइंस में प्रकाशित हुआ है। शोध टीम का नेतृत्व एफआईयू के न्यूरोजेनेटिसिस्ट मैथ्यू डीगेनारो कर रहे थे, जबकि इस रिसर्च की अगुवाई पीएचडी छात्रा कायली मारेरो ने की। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसके नतीजे भविष्य में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के नए तरीके विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

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