Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं व 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर तक बढ़ी • बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर • सारी योजनाएं बंद करके, गारंटियां भूल नए जिले बनाने का शिगूफा छोड़ रहे हैं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर • जागरूकता कार्यक्रम में एमएसएमई की उत्पादकता बढ़ाने को सरकारी योजनाओं की दी जानकारी • पलमपुर में अखिल भारतीय वरिष्ठ नागरिक महासंघ प्रतिनिधिमंडल ने शांता कुमार जी से की मुलाकात • कांग्रेस चाहती है कि देश में अराजकता फैल जाए, देश की तरक्की रूक जाए : अनिल विज • पलवल में 3 हजार रुपये रिश्वत लेते पटवारी का निजी सहायक गिरफ्तार, हल्का पटवारी फरार • हरियाणा ने स्वीडिश कंपनियों के साथ 4,000 करोड़ रुपए के आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए • पंजाब: अवैध माइनिंग पर सियासत तेज, पूर्व सीएम चन्नी ने मान सरकार को बताया माइनिंग माफिया • सीएम भगवंत मान के फ्रांस दौरे को हाई कोर्ट की अनुमति, केंद्र की राजनीतिक मंजूरी न मिलने पर मिली राहत

स्वास्थ्य

नाखूनों में दिख रहे हैं ये बदलाव तो हो जाएं सावधान, शरीर के अंदर छिपी परेशानी का दे सकते हैं संकेत

Updated on Saturday, August 29, 2026 15:41 PM IST

नाखूनों को हम अक्सर हाथों की खूबसूरती और साफ-सफाई का हिस्सा मानते हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक नाखून सिर्फ सुंदर दिखने के लिए नहीं होते, बल्कि उनमें होने वाले कुछ बदलाव शरीर की अंदरूनी हालत के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं। नाखून धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए शरीर में लंबे समय तक चलने वाली कुछ परेशानियों का असर उनकी रंगत, मोटाई और बनावट में दिखाई दे सकता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि नाखून में बदलाव दिखते ही कोई बड़ी बीमारी मान ली जाए। कई बार इसके पीछे चोट, संक्रमण या रोजमर्रा के सामान्य कारण भी हो सकते हैं।

नाखूनों के पीले पड़ने की वजह कई बार फंगल इंफेक्शन होती है। ऐसे मामलों में नाखून सिर्फ पीले नहीं होते, बल्कि मोटे और कमजोर भी हो सकते हैं। कुछ लोगों में नाखून टूटने लगते हैं या उनकी सामान्य चमक खत्म हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर होता है।

वहीं, अगर नाखून बहुत ज्यादा सफेद या फीके दिखाई दे रहे हैं, तो इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ स्थितियों में यह खून की कमी यानी एनीमिया से जुड़ा हो सकता है। इसलिए अगर नाखूनों में बदलाव के साथ लगातार थकान या कमजोरी भी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सही रहेगा।

नाखूनों का असामान्य रूप से सफेद दिखना भी कई स्वास्थ्य स्थितियों में देखा गया है। मेडिकल रिसर्च में नाखूनों के सफेद होने को कुछ मामलों में लिवर की बीमारी और दूसरी अंदरूनी समस्याओं से जोड़ा गया है। लेकिन नाखून का रंग अकेले किसी बीमारी की पहचान नहीं होता।

नाखूनों की मोटाई और उनकी मजबूती में बदलाव का संकेत होता है। अगर नाखून लगातार मोटे, सूखे या आसानी से टूटने लगे हैं, तो इसके पीछे संक्रमण के अलावा कुछ दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में भी नाखूनों की ग्रोथ और उनकी बनावट में बदलाव देखा गया है। इसलिए अगर नाखून लंबे समय से सामान्य नहीं दिख रहे और इसके साथ वजन में बदलाव, थकान या शरीर में दूसरी परेशानी भी महसूस हो रही है, तो जांच कराना बेहतर है।

नाखून पर बनी गहरी आड़ी लकीरों को मेडिकल भाषा में 'ब्यूज लाइंस' कहा जाता है। ये लकीरें तब दिखाई दे सकती हैं जब कुछ समय के लिए नाखून की बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाए। ऐसा तेज बुखार, गंभीर बीमारी, चोट या शरीर पर पड़े किसी बड़े तनाव के बाद हो सकता है। कुछ इलाज, जिसमें कीमोथेरेपी भी शामिल है, उसके बाद भी ऐसी लकीरें दिखाई दे सकती हैं। चूंकि नाखून धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए कई बार बीमारी या तनाव खत्म होने के काफी समय बाद भी उसका निशान नाखून पर नजर आता है।

सबसे ज्यादा ध्यान नाखून के नीचे बनने वाली नई काली या भूरी लकीर पर देना चाहिए। ऐसी लाइन चोट, त्वचा के रंग में बदलाव या दूसरे सामान्य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह नाखून के नीचे होने वाले मेलानोमा का संकेत हो सकती है। मेलानोमा एक गंभीर तरह का त्वचा कैंसर है। अगर ऐसी लाइन अचानक दिखाई दे, समय के साथ चौड़ी या गहरी हो रही हो, उसका रंग बदल रहा हो या आसपास की त्वचा पर भी बदलाव नजर आए, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी है।

 

Have something to say? Post your comment
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहा

गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

: गर्भावस्था में हाई बीपी को न करें नजरअंदाज, मां और बच्चे की सेहत के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी

महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

: महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, डब्ल्यूएचओ ने जारी की पहली ग्लोबल गाइडलाइन

मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

: मत्स्यासन: एक योग जो तनाव, थायराइड और पाचन को सुधारने में होता है असरदार

शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

: शरीर को डिटॉक्स और रीढ़ को लचीला बनाता है अर्ध मत्स्येन्द्रासन, जानें लाभ

बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

: बार-बार चक्कर आना सिर्फ थकान नहीं, इन वजहों से भी घूम सकता है सिर

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट क्या अंतर है? जानिए इसके लक्षण और तुरंत बचाव के उपाय

: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट क्या अंतर है? जानिए इसके लक्षण और तुरंत बचाव के उपाय

शरीर को लचीला और मन को शांत करता है गोमुखासन, जानें इसके फायदे

: शरीर को लचीला और मन को शांत करता है गोमुखासन, जानें इसके फायदे

बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे

: बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे

X