चंडीगढ़, 4 सितंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा पर चलते हुए युवा आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें। विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ें। दुनिया में हर क्षेत्र में हरियाणा और भारत का नाम रोशन करें। साथ ही अपने संस्कारों, संस्कृति और अपनी जड़ों से भी जुड़े रहें। युवाओं के जीवन में आधुनिकता, मर्यादा, प्रतिभा, विनम्रता, सफलता और सेवा का भाव भी हो। यही हमारी संस्कृति की ताकत है और यही 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' की मजबूत नींव बनेगी।
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी की देशवासियों और प्रदेशवासियो को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने वामन द्वादश मेला समिति को 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जन्म अष्टमी हमारे लिए धर्म, कर्तव्य, सत्य, साहस, प्रेम और लोक-कल्याण के उस महान संदेश का उत्सव है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण जी ने अपने जीवन के माध्यम से मानव मात्र को दिया। कान्हा का जन्म हमें यह विश्वास दिलाता है कि परिस्थितियां कितनी ही कठिन क्यों न हों, अन्याय कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, यदि मनुष्य सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग है तो आखिर में विजय उसी की होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्म कारागार में हुआ। परिस्थितियां प्रतिकूल थीं। चारों ओर अन्याय का वातावरण था, लेकिन उसी अंधकार के बीच आशा की एक किरण ने जन्म लिया और वह किरण आगे चलकर अधर्म के अंत का कारण बनी। यही जन्म अष्टमी का सबसे बड़ा संदेश है कि अंधकार चाहे कितना ही गहरा क्यों न हो, प्रकाश को जन्म लेने से कोई नहीं रोक सकता।