मोहाली : सीनियर कांग्रेसी नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने संगरूर के शेरों गांव में सिख युवक सरदार मोहनजीत सिंह के साथ मारपीट, दाढ़ी खींचने, केसों की बेअदबी और ककारों के साथ अपमानजनक व्यवहार की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युवक के साथ ज्यादती का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब की धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवक को ही निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि कोई आम युवक अपने क्षेत्र में फैल रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाता है और उसे ही पुलिस की धक्केशाही का सामना करना पड़ता है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि दाढ़ी और केसों की बेअदबी तथा ककारों के साथ किसी भी तरह का अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पुलिस की वर्दी कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी देती है, किसी नागरिक पर जुल्म या धक्केशाही करने का लाइसेंस नहीं। सिद्धू ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मामले को जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश न की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि कोई पुलिस कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
सिद्धू ने कहा कि दिल्ली में गृह मंत्री श्री अमित शाह की देखरेख में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह मारपीट की गई, उसी तरह पंजाब में भी नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले सिख युवक के साथ मारपीट और बेअदबी की घटना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री होने के नाते भगवंत मान का फर्ज बनता है कि वे इस मामले पर अपना स्टैंड स्पष्ट करें, घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।