पंचकूला 4 सितंबर : श्रीमती अरुणा आसफ अली राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कालका में 21 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक महाविद्यालय के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में उद्यमिता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में उद्यमिता एवं नवाचारी विचारों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, स्वरोजगार तथा नवाचारी विचारों को सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें अपनी रचनात्मकता, उद्यमशील सोच एवं नवाचारी विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. (प्रो.) वीरेंद्र अटवाल, विभागाध्यक्ष, ने विद्यार्थियों को उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने वास्तविक जीवन के अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार विभिन्न उद्यमियों ने अपने विचारों एवं आकांक्षाओं को सफल स्टार्टअप और व्यवसायों में परिवर्तित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का अवलोकन करने, उपलब्ध अवसरों की पहचान करने तथा ऐसे नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जिन्हें भविष्य में व्यवहार्य व्यावसायिक उपक्रमों में परिवर्तित किया जा सके।
डॉ. मनीषा खन्ना, सहायक आचार्य एवं उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ की सदस्य, ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए करियर चयन एवं उद्यमशील व्यक्तित्व के विकास में आत्म-बोध एवं आत्म-जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि अपनी रुचियों, क्षमताओं एवं सामर्थ्य को पहचानना उपयुक्त उद्यमशील अवसरों की तलाश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का आकलन करने तथा उन्हें रचनात्मक एवं उद्यमशील गतिविधियों में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।