पंचकूला, 5 सितंबर - हरियाणा में शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं असाधारण योगदान देने वाले 79 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षकों को एक-एक लाख रुपये की नकद राशि, पदक, शॉल तथा दो-दो अग्रिम वेतन वृद्धि प्रदान की गई। इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित रहे। *शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, विवेक और संस्कार भी प्रदान करता है - राज्यपाल*
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय, शिक्षा व्यवस्था और हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि शिक्षण केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सशक्त माध्यम है। शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को बधाई देने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व को स्वीकार करने और शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन भी है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा की दुनिया तेजी से बदल रही है। इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थी कुछ ही क्षणों में दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकता है, लेकिन जानकारी और ज्ञान में अंतर है तथा ज्ञान और विवेक में भी अंतर है। तकनीक सूचना दे सकती है, लेकिन शिक्षक विवेक प्रदान करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्तर दे सकती है, लेकिन शिक्षक सही प्रश्न पूछना सिखाता है। राज्यपाल ने कहा कि तकनीक के इस युग में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।