भिवानी,। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूर्व मन्त्री जगन्नाथ की धर्मपत्नी के निधन पर शोक व्यक्त करने भिवानी पहुंचे। उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा को कर्ज में डुबो दिया है। आज प्रदेश पर 5 लाख 53 हज़ार करोड़ का कर्जा है। हालत इतनी खराब है कि कर्जे की किश्त देने के लिए भी सरकार को नया कर्जा लेना पड़ रहा है। खुद केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक फिस्कल हेल्थ के मामले में हरियाणा 18 बड़े राज्यों में 14वें नंबर पर फिसल गया है। सफाई कर्मियों की हड़ताल पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि बीजेपी सरकार सफाई कर्मियों और कौशल निगम के बहुत बड़ा धोखा कर रही है। सरकार ने विधानसभा के भीतर इन कच्चे कर्मचारियों को लेकर झूठ बोला। सरकार ने कहा कि सफाई कर्मियों की मांग नहीं मानी जा सकती और उन्हें पक्का करने की 2 साल वाली कोई नीति नहीं बन सकती। उन्होंने यह भी झूठ बोला कि कांग्रेस ने भी 10 साल से कार्यरत कर्मियों को पक्का करने की नीति बनाई थी।भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान 16 जून 2014 और 18 जून 2014 को दो नीति ऐसी बनाई गई थी, जिनमें 3 साल से कार्यरत कर्मियों को पक्का करने का फैसला लिया था। इतना ही नहीं, इन नीतियों को हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने जायज ठहराया है। जबकि भाजपा ने हमारी नीति के तहत पक्के हुए कर्मचारियों को नौकरी से हटाने और उन्हें पक्का ना होने देने के लिए पूरा जोर लगाया था। इतना ही नहीं, हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने तो बाकायदा 2 साल के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की नीति बनाई हुई है। यानी बीजेपी झूठ बोलकर इन कच्चे कर्मचारियों को अपने हकों से वंचित रखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव में झूठ बोलकर कौशल कर्मियों का वोट लिया और उन्हें रिटायरमेंट तक पक्का करने का चुनावी जुमला उछाला। अब जब कांग्रेस मांग कर रही है कि भाजपा अपने चुनावी वादे को पूरा करे तो खुद मुख्यमंत्री ने सदन में कहा है कि कौशल निगम सिर्फ एक वैकल्पिक व्यवस्था है। और इसके तहत काम करने वाले कर्मियों को कभी भी नौकरी से हटाया जा सकता है। यानी खुद ही सरकार ने अपने झूठ को सदन के जरिए पूरे प्रदेश के सामने उजागर कर दिया है।
यही वजह है कि आए दिन कौशलकर्मियों को नौकरी से हटाया जा रहा है। कई कर्मी हमें मिले हैं और उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अचानक नौकरी से बाहर कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों के मामले में भी आखिरकार कांग्रेस की नीति ही कोर्ट में स्टैंड कर पाई। आखिरकार पदक विजेता खिलाडिय़ों को एचसीएस और एचपीएस के पदों पर नियुक्ति देनी पड़ी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन खिलाडिय़ों को अपना हक पाने के लिए आठ वर्ष तक अदालत में संघर्ष करना पड़ा। भाजपा सरकार ने उन्हें उनके पद, सम्मान और हक से वंचित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन अंतत: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस सरकार की नीति के तहत इन खिलाडिय़ों को एचसीएस और एचपीएस में नियुक्त कर भाजपा सरकार को करारा तमाचा मारा। इतना ही नहीं, न्यायालय ने सरकार पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस मामले ने एक बार फिर भाजपा की खेल और खिलाड़ी विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है। केवल खिलाड़ी ही नहीं, यह सरकार हरियाणा के कर्मचारियों, कच्चे कर्मचारियों और नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे बेरोजगार युवाओं से भी नफरत करती है। यही कारण है कि हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई नियमितीकरण की नीति के पक्ष में फैसले आने के बावजूद भाजपा सरकार आंदोलनरत गेस्ट टीचर्स को भी पक्का करने के लिए तैयार नहीं है। ना ही बीजेपी पक्के कर्मचारियो को ओपीएस का लाभ देना चाहती है।