Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• सरकार के दो सालः सड़क, पेयजल, उद्योग और निवेश से हरियाणा के विकास को गति देने पर जोर- नायब सिंह सैनी • त्योहारों पर महंगाई की मार, आम आदमी की थाली से लेकर रसोई तक बिगड़ा बजट : सैलजा • बोनस देकर किसान-आढ़तियों को हुए नुकसान की भरपाई करे सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा • पंजाब भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, नशा, भ्रष्टाचार और अपराध को बनाएगी बड़ा मुद्दा • सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र, पंजाब की जेलों से चल रहे ड्रग्स कारोबार की एनआईए-ईडी जांच की मांग • झोटा हत्याकांड में सचिन पायलट और गुरजीत औजला ने 'मान सरकार' को घेरा, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल • परिवार से मिलने पहुंचे SGPC प्रधान, परविंदर झोटा को लेकर किया बड़ा ऐलान • पंजाब में CBI की जांच तेज! OSD राजबीर घुम्मन के बाद अब इन 6 लोगों से होगी पूछताछ, समन जारी • पंजाब में चुनाव आयोग की हलचल तेज! कब होंगे विधानसभा चुनाव, पढ़ें पूरी खबर • Ludhiana: सतलुज नदी में गैर-कानूनी माइनिंग पर सख्त Action, मामला दर्ज

पंजाब

*राज्य ने लंबी कतारों और एजेंटों की जगह ऑनलाइन सेवाओं, दस्तावेजों की समयबद्ध जांच और डिजिटल पारदर्शिता के युग में कदम बढ़ाया: हरदीप सिंह मुंडियां* | *ईज़ी रजिस्ट्री के 14 महीने सम्पूर्ण, पंजाब में संपत्ति पंजीकरण सेवाओं में आया बड़ा बदलाव*

Updated on Wednesday, September 09, 2026 20:24 PM IST

पंजाब के राजस्व मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज कहा कि संपत्ति पंजीकरण को तेज, सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में ईज़ी रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा जुलाई 2025 में मोहाली से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ईज़ी रजिस्ट्री की शुरुआत किए जाने के बाद नागरिकों को संपत्ति पंजीकरण संबंधी सेवाएं प्रदान करने के तौर-तरीकों में पूरी तरह बदलाव आया है। इस पहल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया, जो पहले बड़े स्तर पर कार्यालय-केंद्रित व्यवस्था पर निर्भर थी, को ऑनलाइन और समयबद्ध मॉडल में परिवर्तित किया गया है। इससे बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने और अधिकारियों से सीधे संपर्क की आवश्यकता कम हुई है। स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मान सरकार का ध्यान संपत्ति पंजीकरण को ऐसी सेवा में बदलने पर केंद्रित रहा है, जहां नागरिक अधिक सुविधाजनक तरीके और विश्वास के साथ सेवाएं प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा, “ईज़ी रजिस्ट्री केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक प्रशासनिक सुधार है, जिसे नागरिकों की सुविधा, सम्मान और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।” उन्होंने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री का प्रभाव नागरिकों से प्राप्त फीडबैक से स्पष्ट होता है। जिन जिलों और गांवों में यह पोर्टल कार्यशील है, वहां के 6,623 टोकन-धारक नागरिकों का दो चरणों में सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण-1.0 में 1,737 लाभार्थी तथा सर्वेक्षण-2.0 में 4,886 लाभार्थी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि दोनों सर्वेक्षणों के परिणामों में नई प्रणाली के प्रति लोगों की संतुष्टि सामने आई है। 93 प्रतिशत लाभार्थी नई पंजीकरण प्रक्रिया से संतुष्ट पाए गए। इसी प्रकार 93 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि उनकी रजिस्ट्री निर्धारित तिथि पर पूरी हुई। इसके अलावा 90 प्रतिशत लाभार्थियों को प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई समस्या नहीं आई, जबकि 93 प्रतिशत मामलों का बिना किसी आपत्ति के प्रारंभिक जांच के दौरान निपटारा किया गया। इसी प्रकार 94 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान करने के लिए दबाव नहीं डाला गया।


*पहले आओ-पहले पाओ (एफ.आई.एफ.ओ.) प्रणाली से क्रमबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित और अधिक पारदर्शिता*

ईज़ी रजिस्ट्री के तहत फाइलों के निपटारे के लिए पहले आओ-पहले पाओ (एफ.आई.एफ.ओ.) प्रणाली शुरू की गई है। किसी विशेष फाइल पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय आवेदनों पर उसी क्रम में कार्रवाई की जाती है, जिस क्रम में वे प्राप्त होते हैं। स. मुंडियां ने कहा कि इस सुधार से प्रक्रिया में समयबद्धता और निष्पक्षता आई है। अब नागरिकों को यह जानने के लिए किसी व्यक्तिगत प्रभाव का सहारा लेने या बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है कि उनकी फाइल पर कब कार्रवाई की जाएगी।

*48 घंटे में दस्तावेजों की जांच से देरी पर रोक*

ईज़ी रजिस्ट्री के तहत एक व्यवस्थित और समयबद्ध आपत्ति प्रणाली शुरू की गई है। आवेदक का मामला रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने से पहले ही उससे संबंधित आपत्तियों का निपटारा कर दिया जाता है, जिससे निर्धारित समय पर कार्यालय आने के दौरान नागरिकों के समय की बचत होती है। रजिस्ट्रार द्वारा आपत्ति उठाए जाने पर इस प्रणाली के माध्यम से 48 घंटे के भीतर जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसी आपत्तियों की निगरानी डिप्टी कमिश्नर या उप-मंडल मजिस्ट्रेट द्वारा की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपत्तियां उचित हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्पष्ट जांच समय-सीमा निर्धारित करने से नागरिकों को संपत्ति पंजीकरण के दौरान होने वाली बार-बार की परेशानी में काफी कमी आई है। 93 प्रतिशत मामलों का बिना किसी आपत्ति के जांच से पहले ही निपटारा किया गया है।

*डीड ड्राफ्टिंग अब बिचौलियों पर निर्भर नहीं*

ईज़ी रजिस्ट्री ने सेल डीड तैयार करने के तरीके में भी बदलाव किया है। नागरिक अब तीन विकल्पों में से चयन कर सकते हैं—डू-इट-योरसेल्फ ऑनलाइन डीड ड्राफ्टिंग, समर्पित डीड सहायता काउंटरों पर सहायता अथवा सेवा सहायकों के माध्यम से निर्धारित दरों पर सेवाएं। इससे नियमित ड्राफ्टिंग आवश्यकताओं के लिए निजी डीड-राइटरों और वकीलों पर निर्भरता कम हुई है तथा नागरिकों को पंजीकरण प्रक्रिया पर अधिक नियंत्रण मिला है।

*एक लेन-देन, 25 बैंक और तत्काल शुल्क गणना*

उन्होंने कहा कि नई प्रणाली ने स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के भुगतान को भी सुव्यवस्थित किया है। लागू शुल्क की तत्काल गणना की जाती है और नागरिक 25 बैंकों की एकीकृत प्रणाली का उपयोग करके एक ही लेन-देन के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। स. मुंडियां ने बताया कि इस व्यवस्था से बैंकों के बार-बार अनावश्यक चक्कर लगाने की प्रथा समाप्त हुई है और शुल्क की गणना में अस्पष्टता कम हुई है। प्री-स्क्रूटिनी और सिंगल-विंडो भुगतान से रिफंड संबंधी अनुरोधों को कम करने में भी मदद मिली है।

*व्हाट्सऐप अपडेट से नागरिकों को मिलती है जानकारी*

ईज़ी रजिस्ट्री ने पंजीकरण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों पर स्वचालित व्हाट्सऐप संदेश भेजने की व्यवस्था शुरू की है। अब आवेदक एजेंटों पर निर्भर रहने या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना अपने मामले की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली ऑनलाइन शिकायतों तथा रिश्वत मांगने की शिकायत व्हाट्सऐप के माध्यम से सीधे दर्ज कराने की सुविधा भी प्रदान करती है। ऐसी शिकायतें सीधे डिप्टी कमिश्नर तक पहुंचती हैं।

राजस्व मंत्री ने कहा कि इस सीधे संचार माध्यम ने नागरिकों को सेवा प्रदान करने के साथ-साथ जवाबदेही को भी मजबूत किया है। लगभग 94 प्रतिशत आवेदकों ने बताया कि उन्हें कोई अतिरिक्त पैसा देने के लिए मजबूर नहीं किया गया।


Have something to say? Post your comment
पंजाब भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, नशा, भ्रष्टाचार और अपराध को बनाएगी बड़ा मुद्दा

: पंजाब भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, नशा, भ्रष्टाचार और अपराध को बनाएगी बड़ा मुद्दा

सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र, पंजाब की जेलों से चल रहे ड्रग्स कारोबार की एनआईए-ईडी जांच की मांग

: सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र, पंजाब की जेलों से चल रहे ड्रग्स कारोबार की एनआईए-ईडी जांच की मांग

झोटा हत्याकांड में सचिन पायलट और गुरजीत औजला ने 'मान सरकार' को घेरा, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

: झोटा हत्याकांड में सचिन पायलट और गुरजीत औजला ने 'मान सरकार' को घेरा, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

परिवार से मिलने पहुंचे SGPC प्रधान, परविंदर झोटा को लेकर किया बड़ा ऐलान

: परिवार से मिलने पहुंचे SGPC प्रधान, परविंदर झोटा को लेकर किया बड़ा ऐलान

पंजाब में CBI की जांच तेज! OSD राजबीर घुम्मन के बाद अब इन 6 लोगों से होगी पूछताछ, समन जारी

: पंजाब में CBI की जांच तेज! OSD राजबीर घुम्मन के बाद अब इन 6 लोगों से होगी पूछताछ, समन जारी

पंजाब में चुनाव आयोग की हलचल तेज! कब होंगे विधानसभा चुनाव, पढ़ें पूरी खबर

: पंजाब में चुनाव आयोग की हलचल तेज! कब होंगे विधानसभा चुनाव, पढ़ें पूरी खबर

Ludhiana: सतलुज नदी में गैर-कानूनी माइनिंग पर सख्त Action, मामला दर्ज

: Ludhiana: सतलुज नदी में गैर-कानूनी माइनिंग पर सख्त Action, मामला दर्ज

खरड़ में पुलिस पार्टी से हाथापाई, ASI पर किया डंडे से हमला... 2 गिरफ्तार

: खरड़ में पुलिस पार्टी से हाथापाई, ASI पर किया डंडे से हमला... 2 गिरफ्तार

जालंधर में 14 नवंबर से 22 नवंबर, 2026 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी

: जालंधर में 14 नवंबर से 22 नवंबर, 2026 तक अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी

उपायुक्त कोमल मित्तल की किसानों से अपील—मंडियों में सूखा धान लाएं, पराली जलाने से करें परहेज

: उपायुक्त कोमल मित्तल की किसानों से अपील—मंडियों में सूखा धान लाएं, पराली जलाने से करें परहेज

X