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हरियाणा

करोड़ों का चंदा, कागजों में दफ्तर और जमीन पर ताले या डांस स्टूडियो—RUPPs के महाघोटाले की हो तुरंत SIT जांच: राव नरेंद्र सिंह | भाजपा सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहे संदिग्ध पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला

Updated on Friday, September 11, 2026 08:35 AM IST

चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) के नाम पर करोड़ों रुपये के चंदे के कथित महाघोटाले की तुरंत और समयबद्ध SIT जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये का चंदा लेने वाले कई संदिग्ध संगठनों का जमीन पर कोई प्रभावी राजनीतिक अस्तित्व नजर नहीं आता, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उनके कार्यालय और गतिविधियां दर्ज हैं। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन के दावे करती है, लेकिन उसके शासन में ऐसे राजनीतिक संगठन करोड़ों रुपये का चंदा घोषित कर रहे हैं, जिनके वास्तविक अस्तित्व और गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में कागजों पर कार्यालय दर्ज हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर वहां या तो ताले लटके मिले या कार्यालय के बजाय कोई दूसरी गतिविधि संचालित होती पाई गई। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेताओं के खिलाफ छोटी-छोटी बातों पर ED-CBI का इस्तेमाल करने वाली भाजपा सरकार आखिर करोड़ों रुपये के इस संदिग्ध चंदे और इन राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर चुप क्यों है? यह पैसा कहां से आ रहा है, किसके संरक्षण में आ रहा है और आखिर किसकी जेब में जा रहा है—इन सवालों का जवाब जनता को मिलना चाहिए।” राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा से जुड़े एक राजनीतिक संगठन द्वारा करोड़ों रुपये का चंदा घोषित किए जाने के मामले में रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान बेहद गंभीर तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज उसके कार्यालय के पते की जमीनी पड़ताल की गई तो वहां राजनीतिक कार्यालय के बजाय एक नृत्य स्टूडियो संचालित होता मिला।

उन्होंने सवाल उठाया कि “यह कैसा अंधेर है कि करोड़ों रुपये का चंदा लेने वाले संगठनों के कार्यालय सरकारी रिकॉर्ड में कुछ और हैं और जमीन पर उनका स्वरूप कुछ और? अगर राजनीतिक दल का कार्यालय ही अस्तित्व में नहीं है तो करोड़ों रुपये के चंदे और उसके लेन-देन की वास्तविकता क्या है? सरकारी एजेंसियां अब तक क्या कर रही थीं?” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि भाजपा सरकार इस पूरे मामले में लीपापोती करने के बजाय तत्काल SIT गठित करे। SIT द्वारा सभी संदिग्ध RUPPs के कार्यालयों का भौतिक सत्यापन, उनके पंजीकरण एवं गतिविधियों की जांच तथा चंदे के स्रोत और खर्च का विस्तृत ऑडिट कराया जाना चाहिए। साथ ही, प्रत्येक राजनीतिक दल के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की पाई-पाई की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि धन किन लोगों और संस्थाओं से प्राप्त हुआ तथा उसका इस्तेमाल कहां किया गया राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह मामला किसी एक राजनीतिक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि RUPPs की आड़ में कथित तौर पर चल रहे एक बड़े और संगठित वित्तीय फर्जीवाड़े की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “जनता के पैसे और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। सत्ता के संरक्षण में यदि राजनीतिक चंदे के नाम पर कोई फर्जीवाड़ा चल रहा है तो उसका सच हर हाल में सामने आना चाहिए। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि करोड़ों रुपये के इस संदिग्ध चंदे की निगरानी कौन कर रहा है और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
 
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