Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं व 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर तक बढ़ी • बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर • सारी योजनाएं बंद करके, गारंटियां भूल नए जिले बनाने का शिगूफा छोड़ रहे हैं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर • जागरूकता कार्यक्रम में एमएसएमई की उत्पादकता बढ़ाने को सरकारी योजनाओं की दी जानकारी • पलमपुर में अखिल भारतीय वरिष्ठ नागरिक महासंघ प्रतिनिधिमंडल ने शांता कुमार जी से की मुलाकात • कांग्रेस चाहती है कि देश में अराजकता फैल जाए, देश की तरक्की रूक जाए : अनिल विज • पलवल में 3 हजार रुपये रिश्वत लेते पटवारी का निजी सहायक गिरफ्तार, हल्का पटवारी फरार • हरियाणा ने स्वीडिश कंपनियों के साथ 4,000 करोड़ रुपए के आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए • पंजाब: अवैध माइनिंग पर सियासत तेज, पूर्व सीएम चन्नी ने मान सरकार को बताया माइनिंग माफिया • सीएम भगवंत मान के फ्रांस दौरे को हाई कोर्ट की अनुमति, केंद्र की राजनीतिक मंजूरी न मिलने पर मिली राहत

संपादकीय

भारत के खिलाफ पाक का हनीट्रेप वाला नापाक खेल | संपादकीय पेज के लिए समसामयिक आलेख

Updated on Friday, September 11, 2026 08:48 AM IST

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है पाक की खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए भारतीय सुरक्षा बलों और रक्षा संस्थानों के अधिकारियों को 'हनी ट्रैप' में फंसाकर संवेदनशील जानकारियां जुटा रही हैं। सीमा पार से जारी छद्म युद्ध अब केवल गोलियों और बमों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल स्पेस और मानव मन के सूक्ष्म पहलुओं तक फैल चुका है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए अब एक नए और अत्यंत खतरनाक हथियार प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों द्वारा संचालित 'डिजिटल हनी-ट्रैप' का इस्तेमाल कर रही है। भारत के खिलाफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही हैं। समय के साथ उसके तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। पहले जासूसी के लिए धन, लालच, दबाव और धमकी जैसे हथकंडों का इस्तेमाल अधिक होता था लेकिन आईएसआई अब संवेदनशील पदों पर बैठे अधिकारियों की पहचान कर उनकी मानसिक और भावनात्मक कमजोरियों का अध्ययन करने के लिए प्रशिक्षित लोगों की सहायता ले रही है। महिलाओं के नाम से फर्जी सोशल मीडिया खाते बनाकर पहले संपर्क स्थापित किया जाता है और धीरे-धीरे भरोसे का रिश्ता तैयार किया जाता है।  गुप्त डेटा स्वतः ट्रांसफर होता रहे। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर को कथित पाकिस्तानी हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार किया है। वायुसेना से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
 
भारतीय सेना, रक्षा अनुसंधान संगठन और संवेदनशील सरकारी विभागों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आई. एस. आई. द्वारा 'हनी ट्रैप' के हथकंडे का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए पाकिस्तानी महिला एजैंट भारतीय सेना के चंद अधिकारियों तथा आम लोगों को बोगस नामों से वीडियो काल करके अश्लील हरकतों द्वारा उन्हें भी ऐसा ही करने के लिए उकसाती हैं और सोशल मीडिया के जरिए उनके 'रूप जाल' में फंस कर ये लोग भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जानकारियां उन्हें देकर देश से गद्दारी कर रहे हैं जिनकी इसी वर्ष कई मामले सामने आए हैं  4 जनवरी को 'अम्बाला' (हरियाणा) में 'हनी ट्रैप' का शिकार होकर भारतीय सेना की यूनिटों की लोकेशन, मूवमैंट और तैनाती से जुड़ी गुप्त जानकारी पाकिस्तान भेजने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल से व्हाट्सएप चैट व वायस काल से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण मिले।11 मार्च को 'लखनऊ' (उत्तर प्रदेश) में स्वयं को 'कीर्ति कुमारी' बताने वाली एक पाकिस्तानी महिला एजेंट द्वारा 'हनी ट्रैप' में फंसाए गए भारतीय वायुसेना के लांस नायक 'आदर्श कुमार' उर्फ 'लक्की' को युद्धपोत 'आई. एन. एस. विक्रांत' तथा ' आई. एन. एस. इक्षक' की फोटो व अन्य जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इससे पूर्व इसी पाकिस्तानी एजेंट ने गोवा में नौसेना के शिपयार्ड पर पार्ट टाइम नौकरी करने वाले 'राम सिंह' को अपने रूप जाल में फंसाकर उससे शिपयार्ड पर आने वाले युद्धपोतों के फोटो व अन्य जानकारियां प्राप्त की थीं। 22 मार्च को 'चाबुआ' (असम) में 'हनी ट्रैप' में फंसे भारतीय वायुसेना स्टेशन के 'मल्टी-टास्कर्स स्टाफ' के सदस्य 'सुमित कुमार' को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और संवेदनशील रक्षा जानकारी सांझा करने के आरोप में राजस्थान इंटेलीजेंस और वायुसेना इंटैलीजैंस ने मिलकर गिरफ्तार किया।पाकिस्तानी हैंडलर्स ने 'सुमित कुमार' को 'हनी ट्रैप' में फंसा कर और पैसों का लालच देकर 'सुखोई फाइटर जैट्स', 'मिसाइल सिस्टम' और सैन्य ठिकानों की संवेदनशील लोकेशनों की जानकारी पाने के लिए इस्तेमाल किया था।
 
Have something to say? Post your comment
X