बठिंडा : पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब), बठिंडा ने पंजाब प्रांत में विधि शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए अमृतसर लॉ कॉलेज के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सीयू पंजाब, अमृतसर लॉ कॉलेज को अकादमिक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। दोनों संस्थान मिलकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर तैयार करेंगे। यह समझौता ज्ञापन 10 सितंबर 2026 को सीयू पंजाब के कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा और अमृतसर लॉ कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. एवॉन कुमार वैद द्वारा सीयू पंजाब के कार्यवाहक कुलपति प्रो प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। \इस अवसर पर प्रो. पुनीत पाठक, विभागाध्यक्ष, विधि विभाग, सीयू पंजाब ने बताया कि समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शोध परियोजनाएं, कार्यशालाएं, सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अल्पकालिक पाठ्यक्रम और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रायोजित और परामर्श परियोजनाओं पर भी मिलकर काम किया जाएगा।सीयू पंजाब के कार्यवाहक कुलपति प्रो. रामकृष्ण वुसिरिका ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय की ओर से क्षेत्र के उभरते संस्थानों को सहयोग और मार्गदर्शन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अमृतसर लॉ कॉलेज के विद्यार्थी और शिक्षक सीयू पंजाब की लाइब्रेरी तथा अन्य अकादमिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे।
डॉ. एवॉन कुमार वैद, प्रिन्सिपल, अमृतसर लॉ कॉलेज ने इस समझौता ज्ञापन को कॉलेज के लिए गौरव का अवसर बताया। उन्होंने विधि शिक्षा के क्षेत्र में सीयू पंजाब द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग की विधि श्रेणी में विश्वविद्यालय को 40वां स्थान मिलना तथा विद्यार्थियों द्वारा 15वीं और 16वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता बनना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से अमृतसर लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को सीयू पंजाब के विशेषज्ञ शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे संयुक्त शोध, नए विचारों के आदान-प्रदान और शोध प्रस्ताव तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा सीयू पंजाब ने बताया कि यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों की एक समन्वय समिति बनाई जाएगी, जो संयुक्त कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने, उनकी समीक्षा करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने का कार्य करेगी। यह समझौता पंजाब में विधि शिक्षा और शोध को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सीखने, शोध करने तथा नए अवसरों से जुड़ने का बेहतर मंच मिलेगा।