शिमला। हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध, पंजीकृत और सीबीएसई के लिए स्वीकृत सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के परिसर अब एक समान रंग-रूप में नजर आएंगे। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के भवन, मुख्य प्रवेश द्वार और बाउंड्रीवाल के लिए मानकीकृत रंग योजना और डिजाइन तय कर दिया है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए अनिवार्य ड्रेस कोड भी लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग के अनुसार स्कूलों के लिए ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज मुख्य रंग होंगे। इनके साथ क्रीम, लाइट ग्रे और चारकोल ग्रे को पूरक रंग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग ने इस रंग योजना को हिमाचल के प्राकृतिक परिवेश, मौसम की अनुकूलता, रखरखाव में सुविधा, पर्यावरण संरक्षण और ‘गो ग्रीन’ थीम को ध्यान में रखकर तैयार किया है।
गेट और बाउंड्रीवाल का डिजाइन भी तय नए निर्माण, नवीनीकरण, बड़े मरम्मत कार्य, पेंटिंग और बाहरी फिनिशिंग में निर्धारित रंग योजना का पालन करना होगा। भवन के बाहरी हिस्से के अलावा दरवाजे, खिड़कियां, ग्रिल, रेलिंग और अन्य दिखाई देने वाले हिस्सों में भी स्वीकृत रंग योजना लागू होगी।
स्कूलों की बाउंड्रीवाल और मुख्य प्रवेश द्वार भी इसी मानकीकृत कैंपस डिजाइन का हिस्सा होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल स्तर पर स्वीकृत डिजाइन या रंग में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि निर्माण या मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग अथवा किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है तो संबंधित उपनिदेशक को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत डिजाइन और तकनीकी specifications को ड्राइंग, estimate और निर्माण कार्य में शामिल किया जाए।
बिना मंजूरी नहीं होगा बदलाव किसी स्कूल में स्थानीय परिस्थितियों के कारण स्वीकृत डिजाइन से अलग काम की आवश्यकता होने पर मामले को संबंधित उपनिदेशक के माध्यम से निदेशालय भेजना होगा। निदेशालय की पूर्व अनुमति के बिना किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
1 अक्तूबर से शिक्षकों को ड्रेस कोड में आना होगा दूसरे आदेश में शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से जुड़े सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ड्रेस कोड को लेकर भी सख्ती कर दी है। विभाग ने 10 सितंबर 2026 को जारी पूर्व निर्देशों की निरंतरता में कहा है कि 1 अक्तूबर 2026 से सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करेंगे।
यह व्यवस्था जिले के उन सभी सरकारी स्कूलों में लागू होगी, जो सीबीएसई से संबद्ध, पंजीकृत अथवा सीबीएसई के लिए स्वीकृत हैं। संबंधित उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के स्कूलों में ड्रेस कोड की अनुपालना सुनिश्चित करवाएं।